संवाद सहयोगी, मंडी : चाइल्ड हेल्पलाइन मंडी की टीम ने आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली नाबालिग की 22 दिन बाद जबरन होने वाली शादी रुकवा दी है। स्कूल के प्रधानाचार्य ने पता लगने पर चाइल्ड हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर पर फोन कर बाल विवाह रोकने में अहम भूमिका निभाई है। चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम छात्रा के घर में दबिश देकर उसे अपने साथ ले आई। बाल कल्याण समिति के समक्ष छात्रा व उसके माता-पिता समेत बहन की काउंसिलिंग कर समझाया गया कि बाल विवाह करवाना कानूनी जुर्म है। मां-बाप द्वारा बेटी को अपने पास रखने से मना करने पर समिति ने उसे उसकी बहन के हवाले कर पढ़ाई जारी रखने के आदेश जारी किए हैं। चाइल्डलाइन मंडी को टोल फ्री नंबर 1098 के मध्यम से सूचना मिली कि उपतहसील औट के एक गांव में नाबालिग बालिका का विवाह जबरदस्ती करवाया जा रहा है। उसे स्कूल भेजना बंद कर दिया है। चाइल्डलाइन मंडी से काउंसलर वीना देवी और टीम सदस्य लुदरमनी पुलिस और आंगनवाड़ी सुपरवाइजर वृत नगवाईं के साथ मिलकर छात्रा के घर पहुंचे। दस्तावेजों की छानबीन करने पर उसकी आयु 14 वर्ष पाई गई। पूछताछ करने पर माता-पिता ने बताया कि उनकी बेटी की शादी 26 जून को तय की गई है। चाइल्डलाइन टीम के हस्तक्षेप के बाद बच्ची के परिजनों ने आश्वासन दिया कि वह उसका विवाह आयु पूरी होने के बाद ही करेंगे। छात्रा पांच दिन पूर्व अपनी बड़ी बहन के घर चली गई थी तथा घर नहीं जाना चाहती है। मंगलवार को चाइल्ड लाइन की टीम ने छात्रा, बहन तथा माता-पिता को जिला बाल कल्याण समिति मंडी के समक्ष पेश किया। माता-पिता ने बेटी को घर ले जाने से मना कर दिया। जिला बाल कल्याण समिति ने बच्ची को उसकी बड़ी बहन के सुपुर्द कर दिया। --------

टोल फ्री नंबर पर कॉल आने के बाद आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा की शादी करने की सूचना प्राप्त हुई। जांच करने पर पता चला कि उसकी 26 जून शादी होनी थी। इससे पहले चाइल्डलाइन टीम ने छात्रा के घर पहुंचकर बाल विवाह रोक दिया है। बाल कल्याण समिति ने उसे बड़ी बहन के हवाले कर दिया है।

अच्छर सिंह, समन्वयक चाइल्ड लाइन मंडी

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Posted By: Jagran