जागरण संवाददाता, मंडी : नगर निगम मंडी के चुनाव में भाजपा नेताओं की एकजुटता से कमल खिल गया। नगर निगम की 15 में से 11 सीटों पर भाजपा के प्रत्याशी जीते। नेताओं की अंतर्कलह में कांग्रेस पार्टी की लुटिया डूब गई। क्षेत्र की जनता ने कांग्रेस पार्टी को फिर नकार दिया। मतदाताओं ने पंडित सुखराम परिवार पर गुबार निकाला। निगम पर कब्जा करने की उम्मीद लगाए बैठी कांग्रेस मात्र चार सीटों पर सिमट गई।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के खिलाफ बयानबाजी का लोगों ने पंडित सुखराम परिवार को मुंह तोड़ जवाब दिया। सुखराम परिवार अपने समर्थक एक भी कांग्रेस प्रत्याशी को नहीं जीता पाया। कमोवेश यही स्थिति कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कौल सिंह ठाकुर की बेटी चंपा ठाकुर रही। गलत टिकट आवंटन कांग्रेस पर भारी पड़ा। टिकट आवंटन से कांग्रेस के अधिकतर नेता नाखुश थे। पड्डल वार्ड में पुष्पराज शर्मा की हार भी कांग्रेस के लिए किसी झटके से कम नहीं है। 1985 से पुष्पराज परिवार इस वार्ड का प्रतिनिधित्व करता आ रहा था। इसी वार्ड से पुष्पराज व उनकी पत्नी नीलम शर्मा चुनाव जीतकर नगर परिषद के अध्यक्ष पद तक पहुंचे थे। भाजपा की सुमन ठाकुर जीत का चौका लगाने में सफल रहीं। भाजपा नेता व पदाधिकारी एक माह से मैदान में पूरी ईमानदारी से डटे रहे। खलियार वार्ड से विजयी रही कांग्रेस की अलकनंदा हांडा ने फिर परचम लहराया है। भगवाहण वार्ड से माधुरी, सुहड़ा से नेहा व पुरानी मंडी से वीरेंद्र भट्ट दोबारा चुनाव जीतने में सफल रहे हैं। भाजपा के 11 विजेताओं से सात नए चेहरे हैं। कांग्रेस के चार विजेताओं में तीन अलकनंदा हांडा, राजेंद्र मोहन व योगराज उर्फ योगा चिरपरिचित चेहरे हैं, दौहंधी वार्ड से विजयी हुई अंजय कुमारी पहले दौहंधी पंचायत की प्रधान रह चुकी है।

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