संवाद सहयोगी, मंडी : छोटी काशी के नाम से मशहूर प्रदेश का मंडी शहर बाहरी राज्यों के लोगों के लिए भीख मांगने का पसंदीदा स्थल बनता जा रहा है। दूसरे राज्यों के भिखारी अब छोटी आयु वाले अपने रिश्तेदारों के बच्चों को भी शहर में पहुंचाकर भीख मांगने के इस धंधे में धकेल रहे हैं। मंगलवार को बस अड्डा के पास दो बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम के सदस्यों ने अपने संरक्षण में लेकर बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया। समिति ने बच्चों की काउंसिलिंग कर फिलहाल उन्हें ओपन शेल्टर होम में भेज दिया है। बच्चों को उत्तर प्रदेश से यहां लाने वाले उनके चाचा को समिति के समक्ष पेश करने के चाइल्ड हेल्पलाइन मंडी को आदेश जारी किए हैं।

12 से 13 साल की आयु वाले दोनों बच्चों ने बताया वे उत्तर प्रदेश के बहराइच जिला के प्रहलादा गांव के रहने वाले हैं। रिश्ते में उनका चाचा काफी समय से मंडी शहर व इसके आसपास के क्षेत्र में भीख मांगता है। चाचा ही उन्हें उनके घर से मंडी के रत्तीपुल लाया है। सुबह होने पर चाचा उन्हें बस में बिठाकर मंडी शहर भेज देता है। दिन भर भीख मांगने के बाद शाम को चाचा के पास रत्ती पुल जाने से पहले वह खाने के लिए कुछ राशन अपने साथ ले जाते हैं। इसके अलावा जो पैसे उनके पास बच जाते हैं उनको वे रत्ती पुल में अपने अस्थायी निवास में एक डिब्बे (गुल्लक) में डाल देते हैं। घर जाने पर उन पैसों को अपने साथ ले जाएंगे। बच्चों के पास उनकी आयु संबंधी कोई प्रमाणपत्र न होने की वजह से उनकी वास्तविक आयु का पक्के तौर पर पता नहीं चल पाया है।

चाइल्ड हेल्पलाइन मंडी के समन्वयक अच्छर ¨सह ने बताया मंगलवार सुबह वह चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम के अन्य सदस्यों वीना, रक्षा व सविता के साथ बस अड्डे की तरफ जा रहे थे। इस दौरान उन्हें वहां पर दोनों बच्चे भीख मांगते हुए दिखाई दिए। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष दुनी चंद ठाकुर के समक्ष दोनों बच्चों को पेश कर उनकी काउंसिलिंग करवाई गई। समिति के आदेशों पर दोनों बच्चों को शेल्टर होम में ले जाया गया है। बुधवार को बच्चों के चाचा को समिति के समक्ष पेश किया जाएगा।

Posted By: Jagran