जागरण संवाददाता, मंडी : कोरोना मरीजों के इलाज के साथ-साथ आयुर्वेद विभाग ने आम बीमारियों से भी लोगों को घर बैठे ही निजात दिलाई है। जिला मंडी में विभाग ने पहल करते हुए टेलीमेडिसन की सुविधा उपलब्ध करवा यह राहत दी है। अब तक 300 मरीज विभिन्न बीमारियों से छुटकारा पा चुका हैं। यूं तो एलोपैथिक में टेलीमेडिसिन सुविधा उपलब्ध है लेकिन आयुर्वेद में पहली बार मंडी जिले ने टेलीमेडिसिन की सुविधा को अपनाया। मंडी एकमात्र ऐसा जिला है, जहां आयुर्वेद विभाग फोन पर मरीजों को ठीक कर रहा है। कोरोना के चलते सरकार ने लोगों से कम से कम अस्पताल आने का आग्रह किया था। इसी बात को ध्यान में रखते हुए विभाग ने अपने 15 डॉक्टरों के नंबर जारी किए। डॉक्टर्स के फोन पर सर्दी, जुकाम, बुखार के मरीजों के फोन आना शुरू हुए। इसके धीरे-धीरे जैसे लोगों को इसकी जानकारी मिली तो इसके बाद बवासीर, स्त्री रोग, सरवाइकल, पाचन संबंधित दिक्कतें, जोड़ों का दर्द, नाक, कान की बीमारियों से संबंधित मरीजों के फोन आने शुरू हुए। पिछले दो महीने में 300 मरीजों ने फोन पर ही अपनी समस्या का समाधान करवाया है। अधिकारियों की मानें तो आयुर्वेद विभाग का प्रयास था कि लोग अस्पताल न आएं और घर पर ही इलाज हो। इसके लिए उनको घरेलू नुस्खे सहित जरूरी हुआ तो दवाई के बारे में बताया गया। इस मुहिम में होम्योपैथिक डॉक्टरों ने भी अपना पूरा सहयोग आयुर्वेद विभाग को दिया है। इम्युनिटी वूस्टर काढ़ा बन रहा मददगार

आयुर्वेद विभाग की टीम छिपणू में बने कोविड केयर सेंटर में मधुयष्टि आदिकशाय काढ़ा यहां आने वाले कोरोना संक्रमित मरीजों को दिया जाता है। इनको यह सुबह खाली पेट 10 से 20 ग्राम 200 एमएल पानी में उबाल कर दिया जाता है। इससे शरीर की इम्युनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। कोरोना से बचाव में यह बेहतर माना जाता है। लोगों को बीमारियों के इलाज के लिए अस्पताल न आना पड़े इस बात को ध्यान में रखते हुए हमने टेलीमेडिसन तकनीक को अपनाया। हमारे डॉक्टर्स के फोन नंबर जारी किए गए हैं। लोग अब इन पर फोन करके ही बीमारी बता इलाज करवा रहे हैं। अब तक 300 मरीजों का उपचार किया जा चुका है।

डॉ. गोविद राम शर्मा, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी मंडी।

Posted By: Jagran

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