हिमाचल में 50 करोड़ की ठगी करने वाले अनिल धोते ने पत्नी को भी नहीं छोड़ा, IIT मंडी स्टाफ भी बना शिकार
गौरव अनिल धोते ने ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर पद्धर उपमंडल के सैकड़ों लोगों और आईआईटी मंडी के स्टाफ से 50 करोड़ रुपये की ठगी की।

ठगी करने वाले अनिल धोते ने पत्नी को भी नहीं छोड़ा (प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
गौरव अनिल धोते ने ऑनलाइन ट्रेडिंग में 50 करोड़ की ठगी की
आरोपी ने पत्नी के 18 कैरेट गहने गिरवी रख होटल को ठगा
आईआईटी मंडी फैकल्टी और स्टाफ भी धोते के झांसे में आए
हंसराज सैनी, मंडी। ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर पद्धर उपमंडल की कई पंचायतों के सैकड़ों लोगों, आइआइटी मंडी की फैकल्टी और स्टाफ को करीब 50 करोड़ रुपये का चूना लगाने वाले महाराष्ट्र के गौरव अनिल धोते ने पत्नी को भी ठगने से नहीं छोड़ा।
आरोपित ने शादी पर पत्नी के लिए 22 नहीं बल्कि 18 कैरेट सोने के गहने बनाए थे। टेंट, फूल व घोड़ी वाले का बिल चुकाने के लिए शादी के अगले दिन ही गहने गिरवी रख दिए थे।
गहने गिरवी रखते समय उन्हें 22 कैरेट सोने के बताया था लेकिन बाद में होटल प्रबंधन ने पैसा न मिलने पर गहने बेचे तो वे 18 कैरेट के निकले और मात्र 1.80 लाख रुपये में बिके थे।
साल 2025 में हुई थी शादी
धोते की शादी जून, 2025 में मनाली के मनुआलय रिजार्ट में हुई थी। शादी का पैकेज 18 लाख रुपये में तय हुआ था। शादी के अगले दिन सुबह ही धोते पत्नी के साथ होटल से निकल गया था।
होटल के बकाया बिल का भुगतान नहीं किया था। होटल प्रबंधक ने आरोपित से उसके मोबाइल फोन पर संपर्क किया तो उसने बताया था कि वह ओल्ड मनाली गया है जहां पत्नी के गहने बेचकर बिल का भुगतान करेगा।
प्रबंधक ने गहने बेचने के बजाय उनके पास ही सिक्योरटी के रूप में रखने का आग्रह किया था। कुछ देर बाद धोते पत्नी के साथ होटल पहुंच गया और सोने के करीब दो से ढाई तोले वजन के तीन गहने होटल प्रबंधक को सौंप दिए थे। होटल का बिल चुकाने के लिए आरोपित ने छह लाख रुपये का चेक दिया था।
स्थानीय गारंटर का चेक भी लिया
दाल में काला नजर आने पर प्रबंधक ने एक स्थानीय गारंटर का चेक भी लिया था। यह चेक मैजिशियन हेयर सैलून के संचालक ने दिया था।
तय तिथि को जब धोते का चेक भुगतान के लिए लगाया गया तो उस पर हस्ताक्षर गलत किए थे। जब खाते का चेक दिया था वह कई माह पहले ही बंद हो चुका था। बाद में प्रबंधक ने गारंटर का चेक भी बैंक में लगाया, वह भी बाउंस हो गया।
दोनों के विरुद्ध मनाली के एक न्यायालय में अब चेक बाउंस का अभियोग चल रहा है। टेंट वाले का ढाई व फूल वाले का डेढ़ लाख रुपये बिल लंबित था। दोनों के बिलों का भुगतान करने के लिए सिक्योरटी के रूप में रखे गहने बेचकर होटल प्रबंधक ने टेंट वाले को एक लाख रुपये और फूल वाले को 80,000 रुपये दिए। दोनों के अभी 2.20 लाख रुपये बकाया हैं।
क्या है मामला?
गौरव अनिल धोते ने ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश करने पर लोगों को हर माह पांच से 10 प्रतिशत ब्याज और तीन वर्ष में पैसा दोगुना होने का झांसा दिया था।
वह करीब तीन माह तक आइआइटी मंडी के गेस्ट हाउस में मेहमान बनकर रहा। यहीं से अपना ठगी का नेटवर्क संचालित करता रहा।
अक्सर आइआइटी के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा के कार्यक्रमों में नजर आता था। आइआइटी की एक कार्यशाला के आयोजन के लिए 15 लाख रुपये का फंड दिया था।
निदेशक के साथ धोते की नजदीकी को देखते हुए फैकल्टी, स्टाफ और लोगों ने लालच में आकर करोड़ों रुपये का निवेश कर दिया। बाद में आरोपित ने कमांद में अपना कार्यालय खोल दिया था।
जनवरी में वह निवेशकों का पैसा लेकर रातोंरात फरार हो गया और नेपाल भाग गया था। निवेशकों की शिकायत पर आरोपित के विरुद्ध थाना पद्धर में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
l 22 की जगह बनाए 18 कैरेट सोने के गहने, बिल चुकाने के लिए शादी के अगले दिन गहने गिरवी रखे l होटल प्रबंधन को दिया बंद खाते व गलत हस्ताक्षर का चेक, गारंटर का चेक भी हो गया बाउंस
