संवाद सहयोगी, जोगेंद्रनगर : राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत सिविल अस्पताल जोगेंद्रनगर में दो 108 एंबुलेंस में से एक एंबुलेंस के अचानक आफ रोड हो जाने से गंभीर मरीजों का मर्ज बढ़ गया है। सोमवार को नोहली पंचायत के बनोग गांव से एक गर्भवती को 108 एंबुलेंस के माध्यम से जब अस्पताल पहुंचाया जा रहा था, इस दौरान भराडू के बडोण के नजदीक 108 एंबुलेंस का एक टायर फट गया। बाद में एंबुलेंस के चालक ने टायर की व्यवस्था कर 108 एंबुलेंस को अस्पताल पहुंचाया। गर्भवती को उपचार के लिए अस्पताल के गायनी वार्ड में दाखिल करवाया।

सोमवार दोपहर बाद से ही इस एंबुलेंस को इस्तेमाल में नहीं लाया जा रहा है। एंबुलेंस के खस्ताहाल टायरों के कारण यह समस्या पेश आई है। हालांकि अस्पताल में मौजूद अन्य 108 एंबुलेंस को गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए इस्तेमाल में लाया जा रहा है। वहीं 102 एंबुलेंस को भी गर्भवती महिलाओं को घर छोड़ने पर तो इस्तेमाल किया जा रहा है लेकिन आपात समय में एक साथ दो से अधिक मरीजों को एक समय में अस्पताल पहुंचाना परेशानी का सबब बन चुका है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी इस बारे में कई बार अस्पताल प्रबंधन द्वारा अवगत करवाया जा चुका है। बावजूद इसके एंबुलेंस सुविधा पटरी पर नहीं उतर पा रही है। उधर 108 एंबुलेंस प्रबंधन की ओर से अभिषेक का तर्क है कि गंभीर मरीजों को आपात सेवाएं देने में 108 एंबुलेंस हमेशा आगे रही है। प्रबंधन का दावा है अस्पताल की एंबुलेंस आफ रोड होने के बावजूद भी साथ लगते अस्पतालों से स्थानीय अस्पताल में निशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही हैं।

----------------

अस्पताल की एक 108 एंबुलेंस आफ रोड होने का मामला मेरे ध्यान में लाया गया है। 108 एंबुलेंस सुविधा सेवा अस्पताल प्रबंधन के अधीन नहीं है विभाग के उच्चाधिकारियों को एंबुलेंस प्रबंधन से उचित वार्तालाप कर समस्या के निदान के लिए प्रस्ताव सौंपा जाएगा।

जितेंद्र चौहान, एसएमओ सिविल अस्पताल जोगेंद्रनगर।

Posted By: Jagran