मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

जागरण संवाददाता, मंडी : जिला मंडी के दुर्गम क्षेत्रों में बर्फबारी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। इससे दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। करसोग उपमंडल में पहली बर्फबारी से ¨सचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग (आइपीएच) की आठ पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इससे क्षेत्र की पांच पंचायतों में पेयजल संकट गहरा गया है। बर्फबारी से पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से आइपीएच को करीब साढ़े नौ लाख रुपये का नुकसान हुआ है। लोग बर्फ पिघला पानी पीने को मजबूर हो गए हैं। मवेशियों के लिए पानी व चारे की समस्या पैदा हो गई है। बर्फ का पानी पीने से क्षेत्र में जलजनित रोगों के पांव पसारने की संभावना बढ़ गई है। तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। इससे घरों की छतों से गिरने वाला बारिश का पानी भी तुरंत जम रहा है। चारों तरफ बर्फ की सफेद चादर बिछने से लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं।

बर्फबारी से गुडाह पंचायत की बैहली धार-कुफरीधार, बगड़ाथाच की भिमाला, कुठेड की सगाच-दरेहड, बरयोगी की धारग्राम-धधौण पेयजल योजना की पाइप लाइनें पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई हैं। डबरोट भनैरा, डोफा-बेलू, झुंगी व बाहणू-सनेड पेयजल योजना को भी क्षति पहुंची है। खराब मौसम के चलते क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं की मरम्मत करने में परेशानी आ रही है। रास्ते बंद होने से संबंधित क्षेत्रों में पाइपें पहुंचाने के लिए आइपीएच विभाग को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।

आइपीएच सुंदरनगर वृत्त के अधीक्षण अभियंता सुनील कुमार का कहना है कि बर्फबारी से करसोग मंडल में आठ पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। पेयजल योजनाओं की मरम्मत करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप