जागरण संवाददाता, मंडी : अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में प्रशासन की ओर से 215 देवी-देवताओं को निमंत्रण पत्र भेजे जा रहे हैं। स्थानीय तहसीलदार के माध्यम से देवी देवता के पते पर एक-दो दिन में निमंत्रण पत्र भेजे जाएंगे। सालों बाद शिवरात्रि में शामिल होने वाले देवी देवताओं को निमंत्रण देने का निर्णय प्रशासन व सर्व देवता कारदार संघ की होने वाली बैठक में निर्णय लिया जाएगा।

सात मार्च से इस वर्ष छोटी काशी के नाम से मशहूर मंडी शहर में अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव का आगाज होने जा रहा है। शिवरात्रि महोत्सव में मंडी रियासत के करीब तीन सौ देवी-देवता शिरकत करते हैं। प्रशासन उन्हीं देवी देवताओं को निमंत्रण भेजता है जिनका बाकायदा पंजीकरण हुआ है। पंजीकरण के लिए देवता के पुराने इतिहास को भी देखा जाता है। रियासतकाल में शिवरात्रि महोत्सव में आने वाले कई देवी देवता हालांकि अब अपरिहार्य कारणों से शरीक नहीं होते हैं। बावजूद इसके शिवरात्रि महोत्सव में पहुंचने वाले देवी देवताओं का आंकड़ा तीन सौ तक पहुंच जाता है। इसमें कुछ ऐसे देवी-देवता भी हैं जो बिना निमंत्रण के भी पहुंचते हैं।

सर्व देवता कारदार समिति ने कुछ प्राचीन देवी देवताओं को बुलाने की इस वर्ष पहल की है लेकिन प्रथम चरण में प्रशासन की ओर से 215 निमंत्रण ही भेजे जा रहे हैं।

इधर, शिवरात्रि महोत्सव में उंची कीमत पर बाहरी कलाकारों के बुलाने के लिए विरोध की चिंगारी सुलगने लगी है। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता शेर सिंह, उमेश गौतम, तारा चंद, किरण कुमारी, कविता बबंर, चेतराम, रतिया राम, रवि शर्मा, भीम सिंह डोगरा, अमर सिंह, निशु राणा, कौशल्या, हेमराज, संजय संधू, प्रेम सिंह, धर्मेद्र, बलवंत सोनी तथा हरदेव ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को पत्र भेज कर उंची कीमत पर बाहरी कलाकारों को न बुलाने का आग्रह किया है। इस वर्ष कारोबारियों को भी प्लाट सस्ती दर पर दिए जाएं। कलाकारों को दिए जाने वाले मानदेय में पारदर्शिता बनाई जाए। टेंडर प्रक्रिया भी सरल होने के साथ-साथ सबसे कम बोली बोलने वाले को कार्य दिया जाए।

उधर, उपायुक्त मंडी संदीप कदम का कहना है कि देवी-देवताओं को निमंत्रण देने के लिए निमंत्रण पत्र तैयार हैं। एक दो दिनों में तहसीलदार के माध्यम से निमंत्रण पत्र भेज दिए जाएंगे।