जागरण संवाददाता, मनाली : मार्च में मौसम के बदले तेवरों ने लाहुल के किसानों व सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की मुसीबत बढ़ा दी है। रोहतांग दर्रे में रिकॉर्ड पांच फीट बर्फबारी हुई है। रोहतांग, कुंजम व बारालाचा दर्रे पर हुई है। राहलाफाल, ब्यासनाला, राहनीनाला सहित जगह-जगह हिमखंड गिरने का खतरा बना हुआ है। इससे मनाली-लेह मार्ग को बहाल करने का कार्य प्रभावित हो गया है। बीआरओ को एक बार फिर नए सिरे से मनाली-लेह मार्ग बहाली शुरू करनी पड़ी है। मनाली की ओर गुलाबा से डोजर एक बार फिर रोहतांग की ओर चल पड़े हैं जबकि लाहुल में भी बीआरओ घाटी को प्राथमिकता में बहाल कर रहा है। घाटी को बहाल करने के बाद बीआरओ कोकसर से रोहतांग की ओर चढ़ाई करेगा। उसकी फरवरी में की गई मेहनत पर पानी फिर गया है। बीआरओ ने मार्च के आखिर तक मनाली-लेह की बहाली का लक्ष्य रखा था। अब अप्रैल के दूसरे सप्ताह तक ही रोहतांग दर्रे की बहाली हो सकेगी। बर्फबारी से लाहुल के कुछक्षेत्रों मटर बिजाई का कार्य प्रभावित भी हुआ है। बीआरओ कमांडर कर्नल उमा शंकर ने बताया कि मनाली-लेह मार्ग एक बार फिर बर्फ की मोटी परत से ढक गया है। बर्फबारी से बीआरओ की मेहनत पर पानी फिरा है। मौसम साफ होते ही फिर नए सिरे से इस मार्ग की बहाली शुरू कर दी है। लाहुल घाटी की सड़कों को प्रथमिकता के आधार पर बहाल किया जा रहा है।

Posted By: Jagran

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