जागरण संवाददाता, मनाली : सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने भी रोहतांग दर्रे के निकटतम ट्रांजिट कैंप मढ़ी को बहाल कर दिया है। मढ़ी में ट्रांजिट कैंप स्थापित होते ही बीआरओ ने रोहतांग  बहाली को गति दे दी है। मनाली की ओर से बीआरओ के 70 आरसीसी की टीम  मढ़ी पहुंच गई है।

मढ़ी में बीआरओ ने अपना कैंप स्थापित कर दिया है और यहां से रोहतांग दर्रे का सफर 15 किलोमीटर दूर है। बीआरओ को अब मढ़ी से रोहतांग का तक का सफर काफी चुनौतीपूर्ण होगा। यहां इन्हें मौसम साफ रहने पर भी बर्फीली हवाओं से भी जूझना होगा।  मढ़ी से आगे जगह जगह गिरे हिमखंडों को भेदकर और हवा से इकट्ठे हुए बर्फ की ऊंची दीवार काटकर सड़क बनाना भी चुनौतियों से भरा होगा।

उधर, कोकसर की ओर से रोहतांग दर्रा पहुंचने के लिए 13 किलोमीटर के करीब और बर्फ हटानी होगी।  बीआरओ ने इस बार फरवरी में ही रोहतांग बहाली की मुहिम शुरू की थी, लेकिन बारबार बर्फबारी और नालों में हिमखंड गिरने से  नए सिरे से बर्फ हटानी पड़ी थी। हाल ही में हुई भारी बर्फबारी ने बीआरओ के लक्ष्य को प्रभावित किया है लेकिन मौसम ने साथ दिया तो बीआरओ अप्रैल के दूसरे सप्ताह में रोहतांग दर्रे को बहाल कर मनाली से जोड़ देगा। बीआरओ की टीम मढ़ी पहुंच चुकी है। ऐसे में लोग पैदल दर्रा पार करने की हिम्मत कर सकेंगे।

बीआरओ 38 बीआरटीएफ के कमांडर कर्नल उमाशंकर ने कहा कि बीआरओ की 70 आरसीसी की टीम ने मढ़ी में ट्रांजिट कैंप स्थापित कर दिया है, जबकि लाहुल के कोकसर से 94 आरसीसी  की टीम रोहतांग से मात्र 13 किलोमीटर दूर रह गई है।

Posted By: Jagran

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