कुल्लू, जागरण संवाददाता। प्रशिक्षण का फर्जी प्रमाणपत्र लेकर छह लोगों ने पैराग्लाइडिंग लाइसेंस बनवाए थे। पर्यटन विभाग ने सभी छह लोगों यानी पायलट पर उड़ान भरने पर रोक लगा दी है। जांच के बाद इनके लाइसेंस भी रद हो सकते हैं।

रायसन में पैराग्लाइडिंग पायलट प्रशिक्षण के फर्जी प्रमाणपत्र बांटने का मामला सामने आने के बाद पर्यटन विभाग हरकत में आ गया है। आरंभिक जांच में पता चला है कि छह पायलट ने लाइसेंस बनाने के लिए फर्जी प्रमाणपत्र पर्यटन विभाग के पास जमा करवाए थे। विभाग ने सभी छह पायलट को पैराग्लाइडिंग उड़ान भरने पर रोक लगाकर इनकी जानकारी पुलिस को दे दी है। आरोपितों ने कितने पैसे देकर प्रमाणपत्र लिए थे पुलिस अब इसकी जांच करेगी। सभी छह पायलट के प्रमाणपत्र 2017-18 के बने हुए हैं।

एरो स्पोर्ट्स नियम 2022 में लागू हुआ है। इसमें पैराग्लाइडिंग के लिए पायलट का प्रशिक्षित होना व लाइसेंस अनिवार्य किया गया है। ये डोभी पायलट व अन्य साइट से उड़ान भरते थे। डोभी साइट में लगातार हादसे हो रहे हैं।

इसलिए करवाया जाता है प्रशिक्षण

लगातार हो रहे हादसों की रोकथाम के लिए पायलट को एडवांस कोर्स करना अनिवार्य किया गया है। इसमें आपात स्थिति में हवा में पैराशूट खोलने का प्रशिक्षण और पानी में पैराग्लाइर को लैंड करने सहित अन्य नियमों की जानकारी दी जाती थी। इसमें पुराने और नए सभी पायलट को यह प्रशिक्षण करना अनिवार्य किया गया है।

आरोपित 28 तक रिमांड पर भेजे

सोमवार को कुल्लू के रायसन में फर्जी प्रमाणपत्र के साथ पकड़े दो आरोपितों को मंगलवार को पुलिस ने न्यायालय में पेश किया गया। दोनों को 28 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर भेजा है। इसमें आरोपित डूंगर सिंह निवासी पांडेय गांव, डाकघर भीमताल जिला नैनीताल (उत्तराखंड) और युधिष्ठिर निवासी कोकी, डाकघर पुजारली, तहसील बंजार (कुल्लू) शामिल है।

कुल्लू जिले के पर्यटन अधिकारी सुनयना शर्मा ने बताया कुल्लू जिले में छह पायलट ने लाइसेंस बनवाने के लिए फर्जी प्रमाणपत्र लगाए गए हैं। इन सभी पर पैराग्लाइडिंग करवाने पर रोक लगा दी है। जांच की जा रही है। इनके लाइसेंस रद भी किए जा सकते हैं। 

Edited By: Jagran News Network

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