मनाली, जसवंत ठाकुर। दो दिन से जारी बर्फबारी के बाद सोमवार को धूप खिलते ही बर्फ से लदे पहाड़ों का सौंदर्य देखते ही बन रहा है। आधी रात तक बर्फबारी होने के बाद मौसम साफ हो गया, जिससे तामपान में भारी गिरावट आ गई। सुबह लोग जब उठे तो बर्फ ठोस बन चुकी थी और पेयजल स्रोत भी जम गए थे। सुबह के समय सड़क में वाहन चलाना जोखिम भरा हो गया। आने जाने वाले कर्मचारियों व लोगो को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मनाली के कोठी पलचान सहित समस्त उझी घाटी में पेयजल आपूर्ति प्रभावित हक गई।

धूप निकलने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। लाहुल घाटी में भी भारी बर्फबारी होने से जन जीवन प्रभावित हुआ है। बसों सहित सभी छोटे वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है। घाटी में पेयजल आपूर्ति बाधित हो गई है। रोहतांग दर्रा बंद होने से सैकड़ों लोगो को हवाई सेवा का इंतजार है। भारी बर्फबारी होने से लाहुल की समस्त घाटी में एवलांच आने की भी आशंका बढ़ गई है। रोहतांग सहित कुल्लू मनाली और लाहुल स्पिति के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी हुई है। बर्फबारी से किसान बागवान और पर्यटन कारोबारी भी खुश है।

दूसरी ओर, मनाली के नजदीकी पर्यटन स्थक नेहरुकुण्ड, हामटा, पलचान, कोठी, सोलंगनाला, फातरु और अंजनीमहादेव में एक फुट से ढाई फुट तक भारी बर्फबारी हुई है। पर्यटन स्थलों में भारी बर्फबारी होने से पर्यटन कारोवार बढ़ने की उमीद जगी है। सोमवार को मौसम साफ होते ही सैलनियों ने पर्यटन स्थलों का रुख किया। सोमवार को सैलानियों को बर्फ के खेलों का आनंद लेने दूर नहीं जाना पड़ा। सैलानियों ने नेहरुकुण्ड पर्यटन स्थल में बर्फ की चांदी का आनंद उठाया। फोटोग्राफर टिकम व राजू ने बताया कि नेहरुकुण्ड में सैलानियों का मेला लग गया है। डीएसपी मनाली शेर सिंह ने बताया कि नेहरुकुण्ड पर्यटन स्थल सैलानियो के लिए बहाल हो गया है। उन्होंने बताया कि नेहरुकुण्ड में बर्फ पर्याप्त मात्रा में है। सैलानी यहा बर्फ का आनंद उठा रहे हैं।