संवाद सहयोगी, कुल्लू : कोरोना काल में मंदी की मार झेल रहे जिला कुल्लू के पर्यटन कारोबारियों में अब उम्मीद की किरण दिखाई देने लगी है। सरकार की ओर से भी जैसे ही अनलाक होने लगा है तो पर्यटकों की चहल कदमी भी बढ़ना शुरू हो गई। जिला कुल्लू के कारोबारियों ने मंदी के दौर में दुकानदारों ने अपनी दुकानों को बंद रखा जिस कारण लाखों रुपये का नुकसान झेलना पड़ा। कोरोना महामारी के कारण अभी भी लोगों में डर बना हुआ है, लेकिन अब पांच बजे तक दुकानें खुलने से और यहां पर पर्यटकों के आवागम से राहत मिलती दिखा दे रही है। कुछ दिन से जिला कुल्लू में कोरोना मरीजों की संख्या भी बहुत कम हुई है।

स्वास्थ्य विभाग ने सैंपल लेने की रफ्तार बढ़ा दी है। जिला कुल्लू के कुल्लू, मनाली, कसोल, बंजार के तीर्थन घाटी में लगातार पर्यटकों की आवाजाही में इजाफा हो रहा है। प्रतिदिन जिला में 100 से अधिक वाहन प्रवेश कर रहे हैं। ऐसे में धीरे धीरे सरकार भी राहत देने का प्रयास कर रही है। कुल्लू जिला के दुकानदार सुमित, सोनम ठाकुर, नरेश कुमार, खेख राम आदि का कहना है कि सरकार द्वारा दुकानों का समय पांच बजे तक करने से अब हमें धीरे धीरे अच्छे कारोबार की उम्मीद जग गई है। कोरोना काल में हमें बहुत नुकसान हुआ है। इसकी भरपाई दो साल तक नहीं हो पाएगी।

सोनम ने कहा कि बसों की आवाजाही तो शुरू कर दी है अब हमें पर्यटन कारोबार की उम्मीद जग गई है। उधर मणिकर्ण होटल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष हुक्कम चाहडूृ का कहना है कि लगातार जिला में पर्यटक आ रहे हैं। अब धीरे-धीरे बेहतर पर्यटन कारोबार की उम्मीद जग गई है।

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