जागरण संवाददाता, कुल्लू : जनजातीय क्षेत्र लाहुल में रह रहे बौद्ध अनुयायियों ने सोमवार को केलंग से 25 किलोमीटर की ड्रिल्बुरी परिक्रमा (कोरा परिक्रमा) की। बौद्ध धर्म में परिक्रमा का विशेष महत्व है और लोगों की अस्था है कि इससे पुण्य अर्जित होता है। क्षेत्र में अनेक बौद्ध गोंपा हैं, जो बौद्ध धर्म को मानने वालों की आस्था का केंद्र हैं। सोमवार को परम पावन खमटुल रिनपोछे ने विभिन्न भागों से महिला मंडलों व युवक मंडलों और बौद्ध विक्षुओं के सहित विदेशी पर्यटकों के साथ कोरा परिक्रमा में भाग लिया। लाहुल-स्पीति के उपायुक्त अश्वनी कुमार चौधरी ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से लोगों की आस्था में निखार आता है। बौद्ध धर्म गुरुओं की शिक्षाओं की आज विश्व में शांति स्थापित करने के लिए अत्यधिक महत्व है। उपायुक्त ने कहा कि इस तरह के आयोजन से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा सैलानियों के लिए एक केंद्र के तौर पर विकसित हो सकेगा।

बौद्ध गुरु खमटुल रिनपोछे ने तुपचि¨लग गोंपा में विशेष पूजा की और विश्व के समस्त प्राणियों की खुशहाली और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। भगवान महात्मा बुद्ध द्वारा दिए गए अ¨हसा और सत्य के उपदेश के बारे लोगों को जानकारी दी गई।

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