संवाद सहयोगी, कुल्लू : मानसून के दौरान डेंगू, मलेरिया, स्क्रब टाइफस व कालाज्वर सहित अन्य जलजनित बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है। इनकी रोकथाम के लिए शनिवार को उपायुक्त डॉ. ऋचा वर्मा की अध्यक्षता में हुई जिला टॉस्क फोर्स समिति की बैठक में मंथन किया गया। बैठक की कार्यवाही का संचालन मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुशील चंद्र ने किया। जलशक्ति विभाग से स्वच्छ व सुरक्षित पेयजल उपलब्ध करवाने व पानी के टैंकों में नियमित तौर पर क्लोरीनेशन करने के निर्देश दिए, साथ ही विभाग से इस संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया। लोगों से घरों की टंकियों, बावड़ियों व अन्य जल स्त्रोतों की सफाई करने की भी अपील की गई।

उपायुक्त ने शिक्षा विभाग से स्कूलों में टंकियों की सफाई करवाने व सफाई का चार्ट डिस्पले करने व इसकी रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा। स्वास्थ्य विभाग को लोगों को जागरूक करने के लिए कहा। वहीं विभाग को ऑनलाइन शिक्षण कार्यक्रम में बच्चों को स्वास्थ्य, टीकाकरण तथा स्वच्छता कार्यक्रमों का चार्ट बनाकर उपलब्ध करवाने के लिए कहा। सीएमओ ने बताया कि कोविड-19 के संकट के चलते स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रमों को पुन: आरंभ करने पर गहन विचार किया गया। सीएमओ ने बताया जिले की 1.42 लाख की आबादी मलेरिया संवेदनशील क्षेत्र की है, जबकि डेंगू के मामले जिला में नहीं हैं। निरमंड व आनी में काला ज्वर पाया जाता है और इसकी रोकथाम के लिए विभाग तैयारियां कर रहा है।

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2020 में अभी तक 917 मामले क्षयरोग के

राष्ट्रीय क्षयरोग निवारण कार्यक्रम का जिला में प्रभावी कार्यान्वयन किया जा रहा है। जिले में 2019 में 2148 मामले क्षयरोगियों के थे और 2020 में 917 नए मामले आए। बीते साल क्षयरोग से 60 लोगों की मौत हुई है और 2020 में 20 लोग काल का ग्रास बने हैं। जिले के 90 प्रतिशत लोगों के टेस्ट किए जा चुके हैं। जिले में 27 जुलाई से 11 अगस्त तक सघन डायरिया पखवाड़ा चलाया जाएगा।

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