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राष्ट्रपति दौरे के दौरान नारी सशक्तीकरण की गवाह बनी अटल टनल रोहतांग, महिला विधायक, डीसी और एसपी ने किया स्वागत

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Thu, 08 Oct 2026 01:10 PM (IST)

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अटल टनल रोहतांग दौरे के दौरान नारी सशक्तीकरण का सशक्त संदेश देखने को मिला। लाहुल स्पीति ...और पढ़ें

अटल टनल रोहतांग के छोर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का स्वागत करतीं महिला विधायक, डीसी व एसपी। जागरण

अटल टनल रोहतांग के छोर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का स्वागत करतीं महिला विधायक, डीसी व एसपी। जागरण

HighLights

  1. राष्ट्रपति मुर्मु ने अटल टनल रोहतांग का दौरा किया।

  2. महिला विधायक, डीसी, एसपी ने राष्ट्रपति का स्वागत किया।

  3. लाहुल स्पीति में महिलाओं के हाथों में कमान की सराहना।

जसवंत ठाकुर, मनाली। विश्व की सबसे ऊंची और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण अटल टनल रोहतांग बुधवार को नारी सशक्तीकरण की गवाह बनी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अटल टनल रोहतांग के दौरे के दौरान विधायक से लेकर प्रशासनिक अधिकारी तक सभी प्रमुख पदों पर कार्यरत महिलाओं ने उनका स्वागत किया, जिसने महिला सशक्तीकरण का सशक्त संदेश दिया। 

राष्ट्रपति के स्वागत के लिए अटल टनल के नार्थ पोर्टल पर लाहुल स्पीति की विधायक अनुराधा राणा, उपायुक्त किरण भड़ाना, एसपी लाहुल स्पीति शिवानी मैहला सहित अन्य महिला अधिकारी पहुंची थीं।

पारंपरिक परिधान देखकर खुश हुईं राष्ट्रपति

रोचक यह भी रहा कि अनुराधा के पारंपरिक लाहुली परिधान (चोलू) को देखकर राष्ट्रपति खुश हुईं। उन्होंने इसकी जानकारी भी ली और विधायक के साथ अलग से फोटो भी खिंचवाए। विधायक अनुराधा राणा ने राष्ट्रपति को अवगत करवाया कि लाहुल स्पीति हिमाचल का जनजातीय जिला है। यहां राजनीतिक व प्रशासनिक तौर पर महिलाओं के हाथों में कमान है। इस पर राष्ट्रपति ने कहा कि बेटियां आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और देश का नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने महिला अधिकारियों के कार्यों की सराहना की।

स्थानीय लोगों टशी, पलजोर, तेंजिन, ठीले व राहुल का कहना था कि राष्ट्रपति के दौरे पर महिलाओं द्वारा अगवानी करना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण है। यह दृश्य आने वाली पीढ़ी की बेटियों के लिए प्रेरणा बनेगा।

महिलाओं के हाथ में जिले की कमान

लाहुल स्पीति में राजनीतिक दृष्टि से जिला के विकास के लिए विधायक अनुराधा और जिला परिषद अध्यक्ष ठिनले दिचेन के हाथ में बागडोर है। प्रशासनिक जिम्मेदारी उपायुक्त किरण भड़ाना और कानूनी व्यवस्था बनाने का जिम्मा शिवानी मैहला के हाथ में है, जबकि काजा में एडीसी शिखा सिमिटिया व केलंग में कुनिका एकर्ज एसडीएम का कार्यभार संभाल रही हैं। प्रदेश सरकार की इस अनूठी व सराहनीय पहल से लाहुल घाटी में चूल्हे-चौके से लेकर शासन-प्रशासन तक महिलाओं की धमक है।

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