संवाद सहयोगी, सैंज : पार्वती परियोजना चरण तीन में रोजगार की मांग कर रहे लोगों का क्रमिक अनशन शुक्रवार को भी जारी रहा। आठवें दिन सुबह लारजी पंचायत के ग्रामीण बिहाली स्थित परियोजना के कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए और परियोजना प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। चेतावनी दी कि अगर लारजी पंचायत की समस्या हल नहीं हुई तो आमरण अनशन किया जाएगा।

शुक्रवार को क्रमिक अनशन में पंचायत प्रधान कांता देवी, उपप्रधान हेमराज शर्मा, वार्ड सदस्य बेलवंती, वार्ड सदस्य आरती देवी, निर्मला, विद्या देवी ने भाग लिया। ग्रामीणों ने परियोजना प्रबंधन के साथ प्रदेश सरकार पर भी आरोप लगाए। प्रधान कांता देवी ने कहा कि ग्रामीणों की लड़ाई परियोजना का निर्माण कर रही एनएचपीसी कंपनी से है, लेकिन इस मसले पर सरकार की बेरुखी चिंताजनक है। ग्रामीण झाबे राम ने कहा कि परियोजना में रोजगार मांगना ग्रामीणों का अधिकार है, जिसका प्रदेश सरकार व प्रशासन को सहयोग करना चाहिए, लेकिन एनएचपीसी की तरह लोगों द्वारा चुनी हुई सरकार व प्रशासन परियोजना प्रभावितों की मांगों को अनदेखा कर रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

मंडी संसदीय क्षेत्र के युवा कांग्रेस अध्यक्ष आदित्य विक्रम सिंह शुक्रवार को अनशनकारियों से मिलने पहुंचे। आदित्य विक्रम ने कहा कि एनएचपीसी कंपनी के लिए अस्थाई रोजगार देना बहुत छोटा काम है, लेकिन सरकार और प्रशासन की मंशा सही नहीं है।

Posted By: Jagran

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