संवाद सहयोगी, गुशैणी : बंजार उपमंडल की तीर्थन घाटी के दो दर्जन गांव में फागली उत्सव की धूम शुरू हो गई है। घाटी के पेखड़ी, नांही, ¨तदर, शर्ची, वाशीर, मशियार, ¨डगचा, काउंचा, फरयाड़ी, शिल्ह, कलवारी, चिपणी, वुशारी, झुटली, छामणी सहित अन्य गांवों में लोग दो दिनों से देवी-देवताओं की शरण में आकर पूजा-पाठ करने में व्यस्त हैं। ग्रामीण सुबह चार बजे उठकर देवी-देवताओं के मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना कर देवता नारायण के सम्मान में फागली उत्सव मना रहे हैं। गांव में फागली के मौके पर काठ से बने मुखौटे पहनकर लोग घर-घर जाकर उत्सव की बधाई दे रहे हैं और साथ ही घर के मख्य को द्रूब देकर उनसे आशीर्वाद लेने का दौर भी जारी है। इसके अलावा घाटी के नव विवाहित दुल्हे व दुल्हन को भी फागली उत्सव के मौके पर बधाई दी जा रही है। घाटी के आलम चंद, दुनी चंद, नीरत ¨सह, दिला राम, मोहर ¨सह, रमेश चंद, जीत राम सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि इस मौके पर हर घर का एक व्यक्ति अपने खानदानी मुखौटे को पहनकर फागली उत्सव में भाग लेते हैं। यह उत्सव वसंत के आगमन के साथ ही क्षेत्र की खुशहाली के लिए मनाया जाता है। साथ ही प्रेत आत्माओं को दूर भगाने के लिए ग्रामीण इन मुखौटे पहनकर देव नारायण की परंपरा को सदियों से निभा रहे हैं। इस मुखौटे को पहनकर लोग अश्लील गाली गलौच करके प्रेत आत्माओं को भगाते हैं। बहरहाल, इन दिनों तीर्थन घाटी में फागली उत्सव की खूब धूम है और हर घर पहाड़ी व्यंजनों की खुशबु से महक उठा है।

Posted By: Jagran

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