हिमाचली सिड्डू के कायल हुए जापानी, जमकर खाए और तारीफ में पढ़े कसीदे
शेफ आकांक्षा ठाकुर ने जापान में एक सफल हिमाचली धाम और पारंपरिक सिड्डू कार्यशाला का आयोजन किया। इस आयोजन में ...और पढ़ें

सिड्डू के स्वाद को जापान के लोगों ने सराहा।
HighLights
शेफ आकांक्षा ठाकुर ने जापान में हिमाचली धाम आयोजित किया
जापानी प्रतिभागियों ने पारंपरिक सिड्डू और हिमाचली व्यंजनों को सराहा
यह कार्यशाला भारत-जापान सांस्कृतिक और पाक कला का संगम बनी
संवाद सहयोगी, पतलीकूहल। हिमाचल प्रदेश की समृद्ध पारंपरिक कला और संस्कृति को जापान तक पहुंचाने की दिशा में एक सफल हिमाचली धाम और पारंपरिक सिड्डू कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह आयोजन भोजन के माध्यम से दो अलग-अलग संस्कृतियों को जोड़ने वाला एक खूबसूरत अनुभव रहा।
इस कार्यशाला का नेतृत्व शेफ आकांक्षा ठाकुर जो कि कुल्लू जिला धरोहर गांव नग्गर की निवासी हैं और हिमालय ब्रदर होम स्टे संचालित करती हैं । यह उनका पहला अंतरराष्ट्रीय फूड वर्कशाप था, जिसमें उन्होंने जापानी प्रतिभागियों को हिमाचल प्रदेश के पारंपरिक भोजन, स्थानीय सामग्री, खाना बनाने की विधियों और उनसे जुड़ी सांस्कृतिक परंपराओं से परिचित कराया।
इस आयोजन में लगभग 35 प्रतिभागियों ने दोपहर और रात के भोजन में भाग लिया। उन्हें पारंपरिक हिमाचली धाम से प्रेरित कई स्थानीय व्यंजन परोसे गए, जिनमें हिमाचली लाल चावल, कद्दू का खट्टा, सिड्डू, स्थानीय राजमा और मीठे चावल शामिल थे।
कार्यशाला में प्रतिभागियों को सिड्डू के बारे में भी बताया गया और इसकी पारंपरिक तैयारी तथा हिमाचली संस्कृति में इसके महत्व से परिचित कराया गया। जापानी प्रतिभागियों की प्रतिक्रिया बेहद उत्साहजनक रही। उन्होंने हिमाचली भोजन के अनोखे स्वाद और पारंपरिक तरीकों को खूब पसंद किया और हिमाचल की खाद्य संस्कृति के बारे में जानने में गहरी रुचि दिखाई। उनका प्यार, उत्साह और जिज्ञासा इस पूरे अनुभव को और भी खास बना गई।
शेफ आकांक्षा ठाकुर के लिए यह अनुभव विशेष रूप से गर्व का विषय रहा। पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने राज्य के पारंपरिक भोजन को प्रस्तुत करना और जापान के लोगों के साथ हिमाचल की संस्कृति और स्वाद साझा करना उनके लिए एक यादगार अनुभव रहा।
इस सफल आयोजन के बाद प्रतिभागियों ने भविष्य में भी ऐसे और कार्यक्रम आयोजित करने की इच्छा जताई और शेफ आकांक्षा एवं उनकी टीम को दोबारा जापान आने के लिए आमंत्रित किया।
