संवाद सहयोगी, कुल्लू : प्रदेश में कोरोना से प्रभावित उद्योगों, ट्रांसपोर्टरों और कई अन्य उद्यमियों को राहत देने का सरकार का फैसला सराहनीय है। जिला कुल्लू सहकारी संघ के अध्यक्ष एवं पूर्व बागवानी मंत्री सत्य प्रकाश ठाकुर ने सरकार से मांग की है कि बुनकर उद्योगों को भी राहत प्रदान की जाए।

उन्होंने कहा कि इस फैसले से उद्यमियों को उद्योगों को पटरी पर लाने में विशेष लाभ प्राप्त होगा और बेरोजगार लोगों को रोजगार भी प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हजारों बुनकर रोजी रोटी हथकरघा उद्योग स्थापित कर प्राप्त कर रहे हैं। इन उद्योगों को चलाने वाले निजी उद्योग और सहकारी समितियों के रूप में चलाए जाने वाले उद्योग शामिल हैं। इन उद्योगों ने कारोबार को चलाने के लिए लाखों करोड़ों रुपये का कर्जा कार्यशील पूंजी ऋण के रूप में बैंकों से लिया है जिस पर उन्हें बैंकों को भारी राशि ब्याज के रूप में देनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि समाज के पिछड़े और ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक रीढ़ समझे जाने वाले इन उद्योगों के प्रति पिछले काफी समय से सरकार की असंवेदनशीलता से प्रदेश का पूरा बुनकर समाज आहत हैं। क्योंकि कोविड के इस डेढ़ वर्ष से अधिक समय में इन पिछड़े उद्योगों जिन्होंने सीधे तौर पर ठेठ देहात को रोजगार के अवसर प्रदान कर एक समाज परक कार्य किया है वे सरकार के किसी भी प्रकार के राहत पैकेज में शामिल नहीं हैं। प्रदेश का हथकरघा बुनकर उद्योग पर्यटन उद्योगों की ही भांति एक प्रकार का पर्यटक आधारित उद्योग है तथा जिस तरह पर्यटन उद्योग इस महामारी से प्रभावित हुआ है उसी प्रकार बुनकर उद्योग भी प्रभावित हुआ है।

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