संवाद सहयोगी, कुल्लू : हिमाचल में रोमांच से भरी रिवर राफ्टिग और पैराग्लाइडिग का दौर 16 सितंबर से फिर शुरू होगा। प्रदेश के साहसिक पर्यटन के केंद्र कुल्लू में रिवर राफ्टिग और पैराग्लाइडिग करने वाले पर्यटकों के लिए राहत भरी खबर है। ब्यास नदी की लहरों में रोमांच से भरा सफर अब पर्यटकों को आकर्षित करेगा।

पर्यटन विभाग द्वारा रिवर राफ्टिग और पैराग्लाइडिग पर 15 जुलाई से लगाया गया प्रतिबंध वीरवार से हट जाएगा। सैलानी अब कुल्लू मनाली में आकर इन खेलों का आनंद ले सकते हैं। प्रतिबंध लगने से ब्यास नदी में रिवर राफ्टिग के प्वाइंट रायसन, बबेली, पीरड़ी में जबकि पैराग्लाइडिग के लिए मशहूर गड़ा, सोलंगनाला, मढ़ी व डोभी में वीरानगी छा गई थी। अब प्रतिबंध हटते ही दोबारा इन स्थलों पर चहल-पहल लौटेगी। साथ ही घाटी में बंद पड़े पर्यटन कारोबार को भी गति मिलेगी। लारा एडवेंचर के मालिक नरेंद्र ने बताया कि रिवर राफ्टिग के शुरू होने से हमें उम्मीद जग गई है। कोरोना की बंदिशें कम हो जाएं तो पर्यटन गतिविधियों को गति मिलेगी। नरेंद्र ने बताया कि सितंबर के चौथे सप्ताह के लिए महाराष्ट्र से 50 लोगों की बुकिग हो चुकी है। अक्टूबर और नवंबर के लिए इस बार एडवांस बुकिग शुरू हो गई है। कोविड नियम का पालन करते हुए राफ्टिग शुरू की जाएगी। पैराग्लाइडिग करने वालों के लिए भी पर्यटकों ने संपर्क करना शुरू कर दिया है। इन दोनों कारोबार से घाटी के पांच हजार से अधिक युवा जुड़े हुए हैं। कोरोना दिशानिर्देश का पालन जरूरी

कुल्लू जिला में साहसिक पर्यटन गतिविधियां वीरवार से शुरू होंगी। कोरोना दिशानिर्देश का पालन करना अनिवार्य है।

-राजेश भंडारी, जिला पर्यटन अधिकारी, कुल्लू।

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