जागरण संवाददाता, कुल्लू : लाहुल की बर्फ में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए चार दिन से रेस्क्यू अभियान में जुटे भारतीय वायुसेना के जांबाज यहां अदम्य साहस के साथ ही मानवता की मिसाल भी पेश कर रहे हैं। लाहुल की जिन दुर्गम घाटियों में चौपर उतारना मुश्किल है और जहां हवा में भी मशीन को अधिक देर तक खड़ा नहीं रखा जा सकता, वहां से ये लोगों को एयरलिफ्ट कर रहे हैं। शुक्रवार को छतड़ू व छोटा दड़ा की घाटी में ऐसे ही रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। इसके तहत हेलीकॉप्टर से पहले छोटा दड़ा में फंसे 26 लोगों को और फिर छतड़ू से 30 लोगों को एयरलिफ्ट किया गया।

रोहतांग और कुंजम दर्रों के बीच बहुत ही संकरी घाटी में बर्फ से ढके इन दोनों स्थानों पर एमआई-17वी-5 हेलीकॉप्टर को उतारना संभव नहीं था। बावजूद इसके भी स्क्वाड्रन लीडर विपुल गोयल उनके को-पायलट स्क्वाड्रन लीडर मुनीत धीमान व अन्य क्रू-मेंबर्स ने चौपर को बर्फ से ढकी चट्टानों से कुछ फीट ऊपर हवा में रोकते हुए, वहां फंसे लोगों को लिफ्ट कर इस चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू आपरेशन को अंजाम दिया।

इस आपरेशन में सुरक्षित निकाले गए लोगों में केरल, दिल्ली, गुजरात व अन्य राज्यों के बाइक सवार और अन्य पर्यटक शामिल हैं। इसी प्रकार चीता हेलीकॉप्टर के पायलट ¨वग कमांडर सक्सेना, ¨वग कमांडर मेहता और स्क्वॉड्रन लीडर एस बदियारी, एएलएच हेलीकॉप्टर के पायलट ¨वग कमांडर रेड्डी, स्क्वॉड्रन लीडर हिमांशु और उनके सभी सहयोगी भी रेस्क्यू आपरेशन में लगातार योगदान दे रहे हैं। अभियान के पांचवें दिन वायु सेना की टास्क फोर्स में एक और चीता हेलीकॉप्टर शामिल किया गया, इस अभियान में लगे वायु सेना के हेलीकॉप्टर की कुल संख्या छह हो गई है।

Posted By: Jagran

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