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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 11, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

असमंजस में बेरोजगार संस्कृत स्नातक अध्यापक

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Published: Mon, 11 Jul 2016 08:57 PM (IST)

संवाद सहयोगी, कुल्लू : बेरोजगार संस्कृत स्नातक अध्यापक संघ प्रदेश सरकार के रवैये से नाराज है। सीएडंव

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संवाद सहयोगी, कुल्लू : बेरोजगार संस्कृत स्नातक अध्यापक संघ प्रदेश सरकार के रवैये से नाराज है। सीएडंवी संघ के जिला कुल्लू के प्रधान मनोहर लाल तथा प्रशिक्षु तेंजिन ने कहा कि शिक्षा में शास्त्री अध्यापक के लिए उम्मीदवारों के पास कौन से शैक्षणिक योग्यता होनी चाहिए। शिक्षा विभाग यह स्पष्ट नहीं कर रहा पा रहा है। संस्कृत प्रशिक्षित बेरोजगार अध्यापक असमंजस में है कि वह संस्कृत अध्यापक पद के लिए आवेदन कर सकते हैं या नहीं। भाषा अध्यापक पद के लिए प्रभाकर ही नहीं बल्कि स्नातक को भी योग्य मान लिया गया है। ऐसे में संस्कृत स्नातकों को भी शास्त्री पद के लिए योग्य माना चाहिए। शास्त्री टेट भी पास किया हो ऐसे सभी उम्मीदवारों को भी शास्त्री संस्कृत अध्यापक के पद पर नियुक्त किया जाना चाहिए। सीएंडवी टीचर एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि वह स्पष्ट करें कि संस्कृत विषय के साथ स्नातक, बीएड, और संस्कृत टेट पास क्या शास्त्री के पद पर लग सकते हैं। अगर नियम अनुसार इस पद पर योग्य नहीं माना जाता है तो सरकार बेरोजगार संस्कृत स्नातक अध्यापक जिन्होंने बीए संस्कृत, बीएड, संस्कृत टेट पास कर रखा है उन्हें भी भाषा अध्यापक की तर्ज पर संस्कृत अध्यापक के पद पर नियुक्त कर उनके साथ न्याय किया जाए।