जागरण संवाददाता, मनाली। बीआरओ ने रोहतांग दर्रे को बहाल कर केलांग को मनाली से जोड़ दिया है। बीआरओ ने रोहतांग दर्रे को बहाल तो कर लिया है, लेकिन बर्फीली हवाए वाहनो के लिए दिक्कत बनी हुई है। गत शुक्रवार को रोहतांग दर्रे में अढाई फुट से अधिक बर्फबारी हुई थी, जिससे रोहतांग दर्रा वाहनो के लिए बंद हो गया था। बीआरओ ने युद्धस्तर पर बर्फ हटाते हुए रोहतांग दर्रा बुधवार को वाहनो के लिए बहाल कर दिया। बीआरओ के जवानों ने दीवाली पर्व भी रोहतांग दर्रे में मनाया।दर्रा तो बहाल हो गया लेकिन तेज हवाएं बार बार सड़क को अबरुद्ध कर रही है।

बीआरओ द्वारा रोहतांग दर्रा बहाल करते ही कोकसर और दारचा के बीच फंसे आर्मी के लगभग 60 गाड़ियां भी रोहतांग होते हुए मनाली पहुंच गईं। साथ ही, लाहुल घाटी में फंसे सैकड़ों वाहन चालकों ने भी राहत की सांस ली है। हालांकि हवा से बर्फ सड़क पर आ रही है, लेकिन वाहन काफिले में दर्रे को आर पार कर रहे हैं, जिस कारण एक दूसरे को मदद मिल रही है। गत दिनों हुई बर्फबारी से लेह मार्ग का बारालाचा दर्रा भी बंद हो गया है, जिससे लेह को ओर भी सैकड़ों वाहन फंस गए हैं। जेएस कारगो कंपनी के ट्रक भी जगह-जगह फंस गए हैं। इस कंपनी के 40 के लगभग ट्रक सेना की रसद लेकर लेह गए थे, जो उपसी में फंस गए थे। ये सभी ट्रक बारालाचा दर्रे की बहाली के इंतजार कर रहे है। 20 ट्रक सेना की रसद लेकर मनाली होते हुए लेह जा रहे थे जो मनाली में फंसे हुए हैं।

बीआरओ ने रोहतांग दर्रे को प्राथमिकता में बहाल कर लिया है। बीआरओ का कहना है कि मौसम ने साथ दिया तो लेह को एक बार मनाली से जोड़ने के यथासंभव प्रयास किए जाएंगे। सीमा सड़क संगठन के कमांडर कर्नल एके अवस्थी ने बताया की बीआरओ ने रोहतांग दर्रे को बहाल कर लाहुल में फंसे वाहनो को घाटी से बाहर निकाल लिया गया है। उन्होंने बताया की दर्रे में बर्फीली हवाए बीआरओ की दिक्कत को बढ़ा रही हैं। उन्होंने दर्रे की बहाली के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जवानो को बधाई दी। कमांडर ने कहा कि मौसम साफ रहा तो बीआरओ बारालाचा दर्रे को भी बहाल कर लेह को मनाली से जोड़ने का यथा संभव प्रयास करेगा। 

Posted By: Sachin Mishra