सुरेश कौशल, योल। देश भर में चल रहे कोरोना वैक्सीन महाअभियान के दूसरे दिन कंटेनमेंट प्रशासन योल‌ द्वारा संचालित अस्पताल में 18 से 44 वर्ष की आयु वर्ग के लोगों का वैक्सीनेशन शिविर का आयोजन किया गया। युवा वर्ग में काफी जोश था, लेकिन कोविड-19 नियमों की पालना न करते हुए शारीरिक दूरी भी भूला बैठे।

इसकी वजह यह भी रही कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मी तो पंजीकरण तथा वैक्सीनेशन में ही व्यस्त रहे। लेकिन अस्पताल प्रशासन की ओर से बाहर न तो बैठने की उचित व्यवस्था कर रखी थी और न ही बाहर एकत्रित भीड़ को नियंत्रित करने का कोई व्यापक प्रबंध किए गए थे‌। हालांकि शहरी क्षेत्र होने के कारण यहां आने लाइन स्लाॅट बुकिंग की गई थी। इसके बावजूद भी लोग अपनी पारी का इंतजार करने की अपेक्षा लाइन में वे वजह ही खड़े होते रहे। जिससे शारीरिक दूरी की खुले आम अवहेलना होती रही।

स्पाट पर अस्पताल प्रशासन का कोई भी अधिकारी नजर नहीं आया। 200 की ऑनलाइन बुकिंग थी। सुबह नौ बजे से दोपहर बाद तीन बजे तक सभी का टीकाकरण इसी हालत में किया गया। किसी को किसी की कोई परवाह नहीं। हालाकि टीकाकरण हिमाचल स्वास्थ्य विभाग के सौजन्य से किया जा रहा है लेकिन अस्पताल परिसर की व्यवस्था कैंट बोर्ड प्रशासन की होनी चाहिए जोकि नाकाफी रही।

जबकि पुलिस चौकी भी सौ मीटर की दूरी पर है। प्रशासन ने उनकी सेवाएं लेना भी गवारा न समझा। उधर योल कैंट बोर्ड के मेडिकल ऑफिसर डा. जगदीश ने बताया कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए तथा अपनी पारी आने पर ही लाइन में खड़ा करने के लिए एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को तैनात किया गया था। वहीं पीएचसी चामुंडा की के स्वास्थ्य अधिकारी डा. अनीता शर्मा ने बताया कि इस संबंध में अब स्थानीय पुलिस की सेवाएं लेने के लिए लिखा गया है, ताकि भविष्य में टीकाकरण के समय कोविड नियमों का पालन किया जा सके।

 

Edited By: Richa Rana