मंडी, सुरेंद्र शर्मा। सरकारी जमीन पर कब्जे करने के खिलाफ अदालत में फैसला होने के बाद प्रशासन ने ऐसे लोगों को वारंट जारी कर दिए हैं। आदेश में निश्चित समय अवधि में सरकारी जमीन पर से कब्जा छोड़कर पहले वाली स्थिति बहाल करने को कहा गया है। मंडी सदर व बल्ह तहसील में करीब 1200 लोगों सहित दो हजार से अधिक कब्जाधारकों को यह नोटिस तहसीलदार के माध्यम से जारी कर सरकारी जमीन खाली करने के सख्त आदेश जारी किए गए हैं। नोटिस जारी होने से जिला भर में कब्जाधारकों में हड़कंप मच गया है।

मंडी जिला में सड़क किनारे, सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने वालों के साथ अब उन किसानों पर भी शिकंजा कस गया है, जिन्होंने नदी-नालों व खड्ड के आसपास कब्जा कर रखा है। पूरे जिले में कब्जाधारकों का आंकड़ा हजारों में हैं। ऐसे मामलों की सुनवाई अदालत सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी व द्वितीय श्रेणी में होने के बाद अदालत ने वारंट बेदखली जारी किए हैं।

बल्ह घाटी के कब्जाधारकों को 28 सितंबर तक स्वयं निर्माण हटाने के आदेश जारी किए गए हैं। ऐसे लोगों, जिन्होंने अवैध निर्माण तो नहीं किया है लेकिन सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा है, को भी इस तिथि तक जमीन खाली कर पूर्व स्थिति को बहाल करने के सख्त आदेश दिए गए हैं। अदालत ने साफ लिखा है कि अगर की आदेश का पालन नहीं किया गया तो उनके खिलाफ बलपूर्वक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। वहीं निर्माण को गिराकर पहले वाली स्थिति बहाल करने में जो भी खर्च आएगा उसे भी कब्जाधारक से वसूल किया जाएगा।

सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने वालों के मामलों की अदालत में सुनवाई के बाद ऐसे लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। निर्धारित समयावधि में सरकारी जमीन से कब्जा छोडऩे के आदेश जारी किए गए हैं। आदेश का पालना नहीं करने की सूरत में कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। राजीव रांटा, तहसीलदार, बल्ह

जिला के सभी तहसीलदारों को कब्जे छुड़ाने के लिए आदेश जारी किए गए हैं। सरकारी जमीन से कब्जे छुड़ाने की प्रक्रिया जारी है। अदालत में जिन मामलों की सुनवाई पूरी होने पर फैसला हो गया है, उनमें नोटिस जारी किए जा रहे हैं। राजीव सांख्यान, जिला राजस्व अधिकारी

Edited By: Virender Kumar