मनाली, जागरण संवाददाता। भतीजे के मिलने की उम्मीद लिए चाचा विनय पांडे छह दिन से घटनास्थल पर ही जुटे हैं। पुलिस एनडीआरएफ और आईटीबीपी के सर्च अभियान से चाचा संतुष्ट है लेकिन आज उन्होंने बीआरओ से एक बार फिर मलबे को पलटने का आग्रह किया। बीआरओ ने एक बार फिर नाले में जेसीबी को उतारकर मलबा हटाया और शवों की तलाश की।

पुलिस के खोजी कुत्ते पहले ही सर्च अभियान का हिस्सा बने है आज सेना के खोजी कुत्ते भी अभियान में शामिल हुए। तोजिंग नाले में बह गए 10 लोगों में से अभी तक सात के ही शव बरामद हुए हैं जबकि तीन लोगों का अभी कोई सुराग नहीं लग पाया है। तीनों लोग बीआरओ के हैं। नाले के दो सौ मीटर की दूरी पर चंद्रभागा नहीं बहती है। आशंका जाहिर की जा रही है कि लोग चंद्रभागा नदी में न बह गए हों। आज ड्रोन का भी सहारा लिया गया और मलबे सहित नदी के किनारे भी तलाश की गई। लापता हुए बीआरओ जेई राहुल कुमार के चाचा भतीजे का सुराग मिलने की उम्मीद लिए आज भी दिन भर तोजिंग नाले में इधर उधर निहारते रहे।

चाचा विनय पांडे ने बताया कि प्रशासन व सरकार के सर्च अभियान से वो संतुष्ट हैं। वह शुरू से सर्च अभियान को देख रहे है न लेकिन भतीजे का कंही भी सुराग नहीं लग पाया है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि नदी किनारे कहीं भी किसी को कोई डेड बॉडी मिलती है तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। एसपी लाहुल स्पीति मानव वर्मा ने बताया कि आज पुलिस के खोजी कुत्ते सहित सेना के खोजी कुत्ते की भी मदद ली गई लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया है।

Edited By: Richa Rana