नाहन, जागरण संवाददाता। पांवटा साहिब-शिलाई नेशनल हाईवे पर काम कर रही एबीसीआइ कंपनी पर लोगों ने मनमानी का आरोप लगाया है। कहा गया है कि सतौन में गांव के बीचोंबीच खेतों के साथ खोदाई का मलबा फेंका जा रहा है। इस पर स्थानीय ग्रामीण भड़क गए हैं तथा माहौल तनावपूर्ण हो गया। महिलाओं ने रविवार को कंपनी के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर माहौल को शांत करवाया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पांवटा साहिब-शिलाई नेशनल हाईवे 707 का इन दिनों निर्माण कार्य चल रहा है। पांवटा साहिब से सतौन तक का कार्य एबीसीआइ कंपनी को मिल रहा है। एबीसीआइ कंपनी ने सतौन के आसपास सड़क को चौड़ा करने का कार्य चलाया हुआ है, लेकिन निर्माणाधीन एबीसीआइ कंपनी सड़क से खोदाई में निकलने वाला मलबा डंङ्क्षपग साइट में डालने के बजाय सतौन गांव के बीचोंबीच लोगों के खेतों के पास डाल रहे हैं, जिससे स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंच कर मलबे से भरे ट्रकों को रोक दिया तथा महिलाओं ने कंपनी के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। साथ ही प्रशासन से कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीण राजेश कुमार, जगत ङ्क्षसह, तरसेम, दीपचंद, निर्मला देवी, कमलेश देवी, बाला देवी, शिला देवी, रक्षा देवी, शरदा, सत्या देवी, जगिरो देवी, आशा देवी, योगेश कुमार, महेंद्र कुमार, सीता राम, पूर्ण चंद, बलवीर ङ्क्षसह आदि ने बताया कि उनके घर के नजदीक बरसात में पूरे क्षेत्र का पानी इकट्ठा होता है तथा घर के नजदीक कंपनी अपनी गाडिय़ों से सड़क का मलबा फेंक रही है। अगर यहां पर मलबा डाला गया, तो उनके घर को पानी से कटाव होने का खतरा पैदा हो जाएगा। उधर, पांवटा साहिब के एसडीएम विवेक महाजन ने बताया कि कंपनी डंङ्क्षपग साइट के अलावा कहीं भी मलबा नहीं डाल सकती। अगर कंपनी ने ऐसा किया होगा तो कंपनी के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

Edited By: Virender Kumar