मैहतपुर, संवाद सहयोगी। मैहतपुर के साथ लगते गांव रायपुर सहोड में खेतों में अल सुबह सफेद रंग के कपड़ों जैसी वस्‍तु देखकर लोग घबरा गए। लोगों को भ्रम हुआ कि ये प्रयोग की हुई पीपीई किट हैं। मैहतपुर संतोषगढ़ मार्ग के रायपुर सहोडा के बोटलिंग प्लांट से कुछ ही दूरी के पास एक शीशम के पेड़ के नीचे सफेद रंग के कपड़ो का कचरा देखकर लोग दहशत में आ गए और इसकी सूचना विभाग को दी गई। पीपीई किट का नाम सुनते ही विभाग के हाथ पांव फूल गए और आनन फानन में एक टीम ने उस स्थल का दौरा किया जहां पर ये वेस्ट पड़ा हुआ था।

टीम ने मौके पर मुआयना किया तो पाया कि दूर से ये ऐसा जरूर दिख रहा था जैसे कि पीपीई किट हो लेकिन ये फेविकोल का वेस्ट था जो जहां पर फेंका गया है। हालांकि इस तरह से किसी भी तरह का वेस्ट फेंकना कानूनन दृष्टि से गलत है। लेकिन सफेद रंग का कचरा होने से लोगों में इस बात को लेकर दहशत हो गई कि ये पीपीई किट है।

ज़िलाधीश ऊना राघव शर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया की स्थानीय पंचायत और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर जाकर मुआयना किया तो पाया कि ये पीपीई किट नहीं थीं, बल्कि फेविकोल का वेस्ट थाा। पीपीई किट का भ्रम होने के कारण कोई भी पास नहीं जा रहा था।

रात के अंधेरे में किसी गाड़ी की मदद से इस पदार्थ को यहां फेंका गया है, क्योंकि ग्रामीणों ने उस स्थान पर एक गाड़ी के टायर के निशान भी देखे हैं।

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पीपीई किट के भ्रम में स्‍थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया था। लोगों को क्षेत्र में वायरस फैलने का डर सताने लगा था। लेकिन विभाग ने सभी किंतु स्‍पष्‍ट कर दिए हैं। बीएमओ मैहतपुर बलराम धीमान ने कहा जांच में ये पीपीई किट नहीं पाई गई हैं।

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Edited By: Rajesh Kumar Sharma