यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 12, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अवैध निर्माण, सफाई व्यवस्था व अतिक्रमण पर हंगामा
महापौर ओंकार नैहरिया की अध्यक्षता में हुई नगर निगम की आमसभा की बैठक में अवैध निर्माण सफाई व्यवस्था व अतिक्रमण के मुद्दे पर काफी हंगामा हुआ।

संवाद सहयोगी, धर्मशाला : महापौर ओंकार नैहरिया की अध्यक्षता में हुई नगर निगम की आमसभा की बैठक में शहर में हो रहे अवैध निर्माण, चरमराई सफाई व्यवस्था और फुटपाथ पर अतिक्रमण को लेकर पार्षदों ने हंगामा किया। पूर्व महापौर देवेंद्र जग्गी ने भूमिगत कूड़ादानों की चार माह से सफाई न होने और रामनगर-शामनगर में बरसात से बेहाल हुई सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल उठाने के साथ अन्य मामलों को लेकर नाराजगी जताई। बैठक की शुरुआत से ही पार्षदों ने अपना रोष जाहिर करना शुरू कर दिया। मामला सफाई व्यवस्था का हो या फिर शहरियों को मिलने वाली दूसरी अन्य सुविधाओं का, हर मामले में पार्षदों ने अपनी ओर से सवाल खड़े किए। इस पर भाजपा और कांग्रेस समर्थित पार्षद आपस में उलझ भी पड़े। करीब 15 मिनट तक उनमें बहसबाजी चलती रही। हालांकि जिस सवाल पर भाजपा व कांग्रेस समर्थित पार्षद उलझे थे वह भूमि अलाटमेंट से संबंधित मामला था। जिसमें स्वयं आयुक्त और महापौर को हस्तक्षेप कर पार्षदों को शांत करना पड़ा।
वहीं शहर में स्टाफ के अभाव में लटकते विकास कार्यो को लेकर नगर निगम के पार्षद सरकार से अब आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे। बैठक में पार्षदों ने सर्वसम्मति से फैसला लिया कि यदि 20 नवंबर तक सरकार की ओर से स्टाफ उपलब्ध नहीं करवाया गया तो सभी पार्षद मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंच अपनी मांग बुलंद करेंगे। इसके बावजूद यदि कोई कारवाई न हुई तो पार्षद संघर्ष का रास्ता अपनाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। भूमिगत कूड़ादानों की सफाई न होने पर तल्ख हुए जग्गी
चार माह से भूमिगत कूड़ादानों की सफाई न होने पर पूर्व महापौर देवेंद्र जग्गी आमसभा में काफी तल्ख दिखे। उन्होंने साफ किया कि निगम का सबसे पहला काम सफाई व्यवस्था का है, लेकिन चार माह से भूमिगत कूड़ादानों की सफाई नहीं हो रही है। इस दिशा में अधिकारियों को जल्द कदम उठाए जाने की जरूरत है। उन्होंने साफ किया कि आए दिन लोग उनसे इस संबंध में शिकायत करते हैं। उन्होंने हिदायत दी कि यदि वाहन खराब है तो उसे ठीक करवाया जाए। इस पर आयुक्त ने आश्वास्त किया कि जल्द व्यवस्था सुधारी जाएगी। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि वार्ड दो व तीन की सफाई का जिम्मा संभालने वाली कंपनी छोड़ गई है और अब सीएलसी को कार्य सौंपा है। अभी तक व्यवस्था ठीक चल रही है। जिस पर पूर्व महापौर जग्गी ने सुझाव रखा कि इस संबंध में बकायदा खाका तैयार किया जाए। इस पर यह सहमति बनी कि इसके लिए अलग से बैठक की जाएगी। अतिक्रमण करने वाले रेहड़ी-फड़ी वालों पर होगी कार्रवाई
फुटपाथ पर अतिक्रमण कर रेहड़ी-फड़ी लगाने वालों पर निगम का जल्द चाबुक चलेगा। इस मामले पर चर्चा के दौरान उप महापौर सर्व चंद गलोटिया, पूर्व महापौर देवेंद्र जग्गी व दाड़ी की पार्षद सविता कार्की सहित अन्य पार्षदों ने कार्रवाई किए जाने की पैरवी की। इस पर आयुक्त ने साफ किया कि जल्द ही रेहड़ी-फड़ी वालों पर कार्रवाई की जाएगी और अब कोई भी पार्षद इनकी सिफारिश लेकर न आए। अवैध निर्माण पर कार्रवाई न होने पर जताई नाराजगी
निगम के वार्डो में हो रहे अवैध निर्माण व अतिक्रमण को लेकर वार्ड 13 की पार्षद सविता कार्की तल्ख दिखीं। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर अवैध निर्माण हो चुका है और सूचना दिए जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने इस दौरान हाल ही में हुए अवैध निर्माण की भी जानकारी दी। वहीं पूर्व महापौर एवं पार्षद रजनी ने भी खनियारा में हुए अतिक्रमण से आमसभा को अवगत करवाते हुए कार्रवाई की बात रखी, जिसका सभी पार्षदों ने समर्थन किया। बैलेंस सीट रखने का मामला भी उठा
अक्टूबर 2015 से मार्च 2018 की वित्तीन लेखा यानी बैलेंस सीट से अवगत करवाने पर पूर्व महापौर देवेंद्र जग्गी ने सवाल उठाया कि जब इस बारे में पार्षदों को जानकारी ही नहीं तो इसे आमसभा में रखने का क्या औचित्य है। इस पर आयुक्त ने कहा कि इस संबंध में पार्षदों को भी जानकारी होना आवश्यक है। इस पर जग्गी ने कहा कि इस संबंध में जानकारी देने के लिए दस्तावेज भी होना चाहिए। वर्ष 2019 में शराब ठेकों से निगम को हुई 34.83 लाख की आय
वर्ष 2019-20 में शहर के शराब ठेकों से नगर निगम को 34 लाख, 83 हजार रुपये की आय हुई है। हालांकि अभी तक पूर्व में नगर निगम की आमसभा की ओर पारित सेस प्रस्ताव को प्रदेश सरकार की ओर मंजूरी नहीं मिली है। जिसमें निगम ने ये प्रस्ताव पारित कर सरकार को भेजा था कि प्रति बोतल निगम को चार रुपये सेस दिया जाए। आमसभा में आयुक्त ने अभी तक हुई आय से अवगत करवाया। किराये के रूप में फंसे हैं लाखों रुपये
आमसभा की बैठक में मर्ज क्षेत्र में पंचायतों के समय बनी दुकानों से पिछले पांच साल से फंसे किराये को वसूलने का भी मामला उठा। इस पर पार्षद सविता कार्की और उप महापौर ने जल्द कार्रवाई किए जाने की बात की। महापौर ने पुराने शहर में भी किराये पर कुंडली मारे बैठे दुकानदारों से किराया वसूलने की बात की। जिस पर आयुक्त ने सभी पार्षदों को सूची उपलब्ध करवाने को कहा। उन्होंने साफ किया कि कुछ लोगों की सूची बना ली गई है जबकि कुछेक जो रह गए हैं वे पार्षद मुहैया करवाएं, ताकि कार्रवाई की जा सके। सभी पार्षदों में बराबर बांटा जाए बजट
बैठक में आयुक्त की ओर से सेंट्रल फाइनांस कमीशन और स्टेट फाइनांस कमीशन की ओर से जारी किए गए बजट और अब तक खर्च की जानकारी दी गई। स्टेट फाइनांस कमीशन का बजट वेतन और विकास कार्यो पर खर्च किया जाता है। इस पर पूर्व महापौर रजनी ने इस बजट को सभी पार्षदों में बराबर बांटने की बात की। निगम कर्मियों को डीए देने पर नहीं लिया फैसला
निगम के कर्मचारियों को जुलाई 2021 से छह फीसद डीए दिए जाने के मुद्दे पर कोई भी फैसला नहीं लिया गया। इस पर बाद में चर्चा किए जाने की बात पार्षदों ने यह कहकर उठाई कि कर्मी उनके काम में लेटलतीफी का रवैया अपनाते हैं। डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने की एवज में तय शुल्क को कम करने पर चर्चा
आमसभा की बैठक में होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन की ओर से डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने की एवज में तय शुल्क को प्रतिमाह 500 रुपये किए जाने के मुद्दे पर चर्चा हुई। इसमें तय हुआ कि छह से 15 कमरों पर 500, 15 से 25 पर 800 जबकि 25 से अधिक पर 1000 रुपये शुल्क किया जाए। हालांकि इस मामले पर फिर से चर्चा होगी। पार्षद बोलीं, क्या 1100 नंबर से होगा शिकायतों का निवारण
आमसभा में वार्ड पांच की पार्षद राजकुमारी ने मामला उठाया कि अधिकारियों व कर्मचारियों को शिकायत करने के बाद भी समस्या हल नहीं होती है। जबकि 1100 नंबर पर शिकायत करने के बाद समस्या का हल हुआ। इस पर उन्होंने कहा कि क्या 1100 नंबर से शिकायतों का निवारण होगा। हालांकि महापौर ने कहा कि ऐसा नहीं है। आप सीधे मुझे और आयुक्त को शिकायत कर सकती हैं। जोराबर स्टेडियम होगा वाहनों के लिए बंद
सिद्धबाड़ी स्थित जोराबर स्टेडियम अब वाहनों के लिए बंद किया जाएगा। आमसभा की बैठक में वार्ड 17 की पार्षद के उठाए गए मामले पर आयुक्त ने कहा कि स्टेडियम को बंद किया जाएगा और दोनों तरफ गेट लगाए जाएंगे। काफी समय से सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं है। बैठक में रामनगर-शामनगर सहित अन्य वार्डो में पेयजल सप्लाई का भी मामला उठाया गया है और इस पर ये निर्णय लिया गया है कि जो भी पेयजल से संबंधित कार्य चल रहे हैं उन पर जल शक्ति विभाग से बैठक हो, ताकि भविष्य को ध्यान में रखते हुए योजना बने। वहीं स्टाफ की कमी को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय में जाकर आवाज उठाई जाएगी। यदि इसके बाद भी स्टाफ नहीं मिलता है तो धरना या फिर जो भी आगामी कदम होगा वह उठाया जाएगा।
-देवेंद्र जग्गी, पूर्व महापौर एवं पार्षद। सभी प्रस्ताव पुराने ही थे जिन पर चर्चा हुई है। स्टाफ की कमी को लेकर फिर से मुख्यमंत्री से मामला उठाया जाएगा। सभी पार्षदों ने एक मत से फैसला लिया है कि 20 नवंबर के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय में जाकर आवाज उठाई जाएगी। मैं पार्षदों के साथ हूं और इस दिशा में पहले भी मांग मुख्यमंत्री व संबंधित विभागीय मंत्री से उठा चुका हूं।
- ओंकार नैहरिया, महापौर नगर निगम धर्मशाला।
