भूपेंद्र ठाकुर, सोलन। स्थानीय टमाटर का सीजन समाप्त होते ही इसके दाम भी बढऩे लगे हैं। प्रदेश की मंडियों में इन दिनों बेंगलुरु का टमाटर 80 रुपये प्रतिकिलो तक बिक रहा है। टमाटर की सप्लाई कम होने की वजह से दाम में लगातार इजाफा हो रहा है।

मार्केट कमेटी से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार सोलन सब्जी मंडी में बीते वर्ष 7.52 लाख क्रेट टमाटर के पहुंचे थे। लाकडाउन होने के बावजूद किसानों को दाम भी काफी अच्छा मिला था। बीते वर्ष स्थानीय टमाटर 60 रुपये प्रति किलो तक बिका था। करीब 45 करोड़ रुपये का व्यापार सोलन मंडी में टमाटर का हुआ था। वहीं इस वर्ष उत्पादन में भारी गिरावट दर्ज की गई है। सोलन मंडी में 30 अक्टूबर तक 6.39 लाख क्रेट पहुंचे हैं और मात्र 20 करोड़ रुपये का व्यापार इस वर्ष हुआ है।

किसानों को टमाटर तीन से चार रुपये प्रतिकिलो तक बेचना पड़ा है। सीजन के अंत में किसानों को 25 रुपये प्रतिकिलो तक का दाम मिला है। दाम कम मिलने की वजह यह मानी जा रही है कि इस वर्ष पंजाब, हरियाणा और हिमाचल का टमाटर एक साथ मंडियों में आया है। तीनों राज्यों का टमाटर एक साथ आने की वजह से किसानों को दाम नहीं मिल पाया। अब एक साथ इन तीनों राज्यों में टमाटर का सीजन समाप्त हो चुका है, जिसकी वजह से बेंगलुरु का टमाटर मंडियों में अपनी चमक दिखा रहा है। सोलन सब्जी मंडी में बेंगलुरु से करीब 200 क्रेट प्रतिदिन पहुंच रहे हैं और 80 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से बिक भी रहा है। सप्लाई कम व डिमांड अधिक होने की वजह से दाम में इजाफा हो रहा है।

सोलन, शिमला व सिरमौर में इस वर्ष कम हुआ टमाटर का उत्पादन

सोलन, शिमला व सिरमौर में इस वर्ष टमाटर का उत्पादन बीते वर्ष की अपेक्षा काफी कम हुआ है। उत्पादन में गिरावट की वजह से मौसम में आया बदलाव है। इस वर्ष बारिश सामान्य से कहीं अधिक हुई है जिसकी वजह से साइज पर असर पड़ा है। 80 फीसद बी व सी ग्रेड का टमाटर मंडी में पहुंचा है।

इस बार स्थानीय टमाटर का उत्पादन काफी कम हुआ है। पंजाब, हरियाणा के साथ स्थानीय टमाटर मंडी में आया है, जिसकी वजह से दाम भी नहीं मिल पाया।

- रविंद्र शर्मा, सचिव मार्केट कमेटी सोलन।

Edited By: Neeraj Kumar Azad