धर्मशाला, जागरण संवाददाता। Tibetan Peoples Corona Positive, कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों से देशभर में रह रहे निर्वासित तिब्बती समुदाय के लोग भी अनछुए नहीं हैं। तिब्बती समुदाय के ज्‍यादा लोगों के संकमित होने के कारण केंद्रीय तिब्बती प्रशासन यानि सीटीए ने टास्क फोर्स गठित की है। यह टास्क फोर्स भारत में विभिन्न स्थानों में रह रहे तिब्बती समुदाय के संक्रमण पर निगरानी रख रहे हैं। इसके अलावा इन लोगों को वचाब को लेकर जरूरी दिशा निर्देश जारी करते हुए जागरूक कर रही है।

टास्क फाेर्स की सदस्य मेंपा सेरिंग सामचोई ने बताया 14 जनवरी तक पिछले सात दिनों में देशभर में तिब्बती समुदाय के 429 लोग कोरोना संक्रमित हुए हैं। इन नए मामलों में 222 पुरुष और 207 महिलाएं हैं। इसमें सबसे कम आयु का एक साल का बच्चा शामिल है, जबकि सबसे अधिक आयु के 90 वर्षीय वृद्ध भी संक्रमित हुए हैं।

उन्होंने बताया कि पिछले सात दिनों में समुदाय के 812 लोग क्वारंटाइन में हैं। जिनमें 476 होम-क्वारंटाइन और 336 संस्थागत क्वारंटाइन शामिल हैं। देश में विभिन्न राज्यों के स्थापित तिब्बती समुदाय की 16 बस्तियों में रह रहे 1531 लोगों के सैंपल अभी तक लिए गए हैं। जिसमें 429 लोग संक्रमित हुए हैं। इसमें धर्मगुरु दलाई लामा स्टाफ के करीब 20 लोग भी शामिल हैं।

उन्होंने बताया सीटीए व निर्वासित सरकार कोविड टीकाकरण को लेकर बहुत जागरूकता से कार्य कर रही है और समुदाय के लोगों को लगातार टीकाकरण को प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा भारत में 18 से अधिक आयु के 48,673 लोगों ने दोनों डोज लगवा ली है, जबकि 1,620 लोगों ने अभी पहली डोज लगवाई है। इसके अलावा नेपाल में रह रहे समुदाय के 6,990 लोगों ने दोनों डोज लगवा ली हैं। भारत में 15 से 18 साल आयु वर्ग के 1,178 बच्चों को पहली खुराक के साथ-साथ 284 फ्रंटलाइन वर्कर और 60 साल से अधिक आयु यानि वरिष्ठ नागरिक वर्ग के 1097 लोगों ने बूस्टर डोज लगवाई है।

Edited By: Rajesh Kumar Sharma