धर्मशाला, जेएनएन। 11वें पंचेन लामा की 30वीं वर्षगांठ पर तिब्बती महिला संगठन द्वारा शांति मार्च निकाला गया। मैकलोडगंज से यह शांति मार्च शुरू हुआ, जो चंड़ीगढ़ तक जाएगा। वर्ष 1995 में दलाईलामा ने छह वर्ष के गेधून चियोकी नियामा को 11वें पंचेन लामा के रूप में मान्यता दी थी। इसके कुछ दिन बाद ही चीनी सरकार द्वारा उनका अपहरण कर लिया गया और उन्हें किसी अज्ञात जगह पर ले गए। तब से लेकर अब तक पंचेन लामा के बारे में कोई भी जानकारी किसी को नहीं है।

पंचेन लामा के अपहरण के बाद चीनी सरकार से उनके बारे में जानकारी देने को लेकर निर्वासित तिब्बती सरकार सहित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी सकुशल रिहाई को लेकर दबाव भी बनाया जा चुका है, लेकिन चीनी सरकार इस मामले में अभी तक चुप्पी ही साधे हुए है। हालांकि उनकी हर वर्षगांठ पर तिब्बतियों द्वारा शांति मार्च निकाल कर उनकी रिहाई की मांग कई वर्ष से चली आ रही है।

कौन हैं पंचेन लामा

पंचेन लामा का जन्म 25 अप्रैल, 1989 को तिब्बत में हुआ था। दलाईलामा ने गेधुन चियोकी नियामा को छह वर्ष की आयु में ही 11वें पंचेन लामा के रूप में मान्यता दी थी। इसके बाद चीन सरकार ने पंचेन लामा को 1995 में बंदी बना लिया था और अब तक उनका कोई पता नहीं चल सका है। हालांकि निर्वासित सरकार सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी पंचेन लामा की रिहाई की मांग उठाता रहा है, लेकिन इसके अभी तक सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आए हैं।

Posted By: Rajesh Sharma