शिमला, यादवेन्द्र शर्मा। हिमाचल प्रदेश में कोरोना ने तीन और बच्चों को अनाथ कर दिया है। इन बच्चों के माता-पिता की कोरोना के कारण मौत हो चुकी है। कांगड़ा में दो जबकि सिरमैार में एक बच्चा अनाथ हुआ है। प्रदेश में कोरोना से अब तक 20 बच्चे अनाथ हो चुके हैं जिनके सिर से माता-पिता का साया उठ गया है। वहीं, 110 बच्चे ऐसे हैं जिनके माता-पिता में से एक की मौत हो चुकी है।

कांगड़ा जिला में छह, मंडी पांच, ऊना चार, हमीरपुर तीन और सिरमौर व सोलन जिलों में एक-एक बच्चा अनाथ हुआ है। इनकी उम्र पांच वर्ष से 18 वर्ष के बीच है। ये अनाथ बच्चे रिश्तेदारों के साथ रह रहे हैं। इन बच्चों को केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से चार हजार रुपये मासिक आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इसमें पालन पोषण से संबंधित देखभाल के तहत केंद्र द्वारा 90 फीसद व प्रदेश सरकार द्वारा 10 फीसद राशि के तहत 2500 रुपये मासिक दिए जा रहे हैं। इसमें दो हजार रुपये अनाथ बच्चों के स्वजनों के खाते में और 500 रुपये प्रति माह बैंक खाते में 18 वर्ष तक एफडी के तौर पर जमा करवाए जा रहे हैं। बाल उद्धार योजना के तहत 1500 रुपये मासिक में से 500 रुपये प्रति माह स्वजनों के खाते में और एक हजार रुपये बैंक खाते में 18 वर्ष तक एफडी के तौर पर जमा हो रहे हैं। इन सभी बच्चों की पहले से पढ़ाई हो रही है। स्वजनों के खाते में डाले जा रहे 2500 रुपये बच्चों की शिक्षा, कपड़ों व अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति पर खर्च किए जा रहे हैं।

सिरमौर में स्वजनों ने आर्थिक सहायता लेने से किया इन्कार

सिरमौर में अनाथ हुए 15 वर्षीय बच्चे के स्वजनों ने आर्थिक सहायता लेने से इन्कार कर दिया है। प्रदेश में बीते एक वर्ष के दौरान 67 बच्चे कोरोना नहीं बल्कि अन्य कारणों से अनाथ हुए हैं। इन बच्चों को भी महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत सुविधाएं व आर्थिक सहायता दी जा रही है।

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हिमाचल में कोरोना के कारण 20 बच्चे अनाथ हुए हैं। इनके लिए चार हजार रुपये आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। पीएम केयर के तहत प्रदान की जाने वाली सहायता को लेकर अभी दिशानिर्देश नहीं आए हैं।

संजय गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता