कैसा हो हमारा प्रतिनिधि

संवाद सूत्र, राजा का तालाब : जागरूक मतदाता ही लोकतंत्र में सही जनप्रतिनिधि चुन सकता है। गरीबी, बेरोजगारी व भ्रष्टाचार हमेशा चुनावी मुद्दे बनते हैं। चुनाव के बाद यह मुद्दे गौण भी हो जाते हैं। मतदाताओं की सोच है कि विधायक ऐसा होना चाहिए, जो जनता की आवाज सुने। अगर वह जीत जाए तो अपने हितों की बजाय लोगों की समस्याओं को विधानसभा में उठाकर उनका समाधान करवाए। लोकतंत्र की सफलता की नींव मतदाताओं के हाथ में है। उसी जनप्रतिनिधि का चयन किया जाएगा जो बिना भेदभाव सबको साथ लेकर चले और समान विकास करवाए। ऐसा जनप्रतिनिधि ही सही विधायक होता है। विधायक का शिक्षित होना जरूरी है। अशिक्षित जनप्रतिनिधि कहीं पर किसी का भी भला नहीं कर सकता है। वह विधानसभा में भी लोगों की समस्याएं व मांगें प्रमुखता से नहीं उठा सकता है।

-सोमराज सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने वाला ही सही जनप्रतिनिधि होता है। विधायक ऐसा होना चाहिए, जो सभी वर्गों का समान विकास करवाए और लोगों को साथ लेकर चले।

-पवन विधायक मेहनती, ईमानदार व मृदुभाषी होना चाहिए। इसके अलावा लोगों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करे। वादे कर मुकरने वाला जनप्रतिनिधि नहीं होना चाहिए।

-संजीव कुमार कई समस्याएं ऐसी होती हैं जो व्यक्ति विशेष नहीं, बल्कि सबसे जुड़ी होती हैं। इनका समाधान करवाने के लिए विधायक को प्रमुखता से आवाज उठानी चाहिए।

-सुनील कुमार चुनाव हमेशा बेरोजगारी, भ्रष्टाचार व महंगाई के मुद्दों पर होते आए हैं, लेकिन विधायक ऐसा हो जिसका कोई विजन और मिशन अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए हो।

-नरेंद्र मेहरा जातिवाद को छोड़कर समान विकास करवाने वाला विधायक ही सही जनप्रतिनिधि हो सकता है। यह समय की जरूरत भी है कि सभी लोग ऐसे ही विधायक का चयन करें।

-पंकज पांजलो

Edited By: Jagran