शिमला, जेएनएन। हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ में असली-नकली की लड़ाई और तेज हो गई है। अब नरेश महाजन ने अपने गुट को असली संघ करार दिया है। इससे पहले वीरेंद्र चौहान अपने गुट को असली करार दे चुके हैं। शिमला में पत्रकारों से बातचीत में महाजन ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि 12 हजार से अधिक पीटीए, पैरा, पैट को सशर्त नियमित किया जाए। लेफ्टआउट पीटीए शिक्षकों के लिए भी तबादला नीति बनाई जाए। उन्होंने ऐलान किया कि अगर सरकार हर प्राइमरी स्कूल में पांच शिक्षकों की भर्ती करती है तो शिक्षक भी अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में ही पढ़ाएंगे।

उन्होंने आरोप लगाया कि वीरेंद्र चौहान ने 26 लाख रुपये दबाया है। चौहान ने संघ को अपनी निजी कंपनी बनाकर रखा था। उन्होंने कहा कि 2016 से 2019 तक चौहान के संगठन विरोधी फैसलों को भी प्रस्ताव पारित कर निरस्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले छह साल के दौरान जो उनका विरोध करता था उसे संघ से बाहर कर दिया जाता था।

महाजन ने कहा कि हमीरपुर में संघ के चुनाव हुए और वहां पर संघ की अगले तीन वर्ष की कार्यकारिणी का गठन किया गया है। महाजन ने कहा कि उन्होंने वीरेंद्र चौहान को छह वर्ष के लिए संघ से निष्कासित किया है और उनके खिलाफ हमीरपुर में पुलिस में भी मामला दर्ज कर रखा है।

15 सूत्रीय मांगपत्र

संघ ने शिक्षकों की मांगों को लेकर 15 सूत्रीय मांग पत्र तैयार किया है और उसे लेकर वे मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे। उन्होंने आग्र्रह किया कि न्यू पेंशन स्कीम के तहत तैनात शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के अपंग होने या फिर उनकी मौत पर उन्हें पेंशन सुविधा दी जाए।  शिक्षकों के खाली पद जल्द भरने के अलावा नर्सरी की कक्षाएं भी शुरू करने का आग्र्रह किया।

Posted By: Rajesh Sharma

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