शिमला, जागरण संवाददाता। BJP Working Committee Meeting, कुछ दिन पहले भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष पद से त्यागपत्र दे चुके कांगड़ा के दिग्गज नेता कृपाल परमार को कार्यसमिति की बैठक में लाने की मुहिम वीरवार रात को दिल्ली से शुरू हुई। पार्टी मुख्यालय से कृपाल परमार से फोन पर लंबे समय तक बातचीत हुई। इसके बाद शिमला के नेताओं की दिल्ली बात हुई।

काफी समय तक इस मसले पर चर्चा हुई। शिमला के नेताओं ने दिल्ली से फोन कटते ही कृपाल परमार से संपर्क किया। उन्हें दिल्ली से हुई बात के बाद शिमला में चल रही बैठक में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया। जब इससे भी बात नहीं बनी तो बैठक में आने के लिए सुबह ही पार्टी के आला नेताओं ने फिर से संपर्क किया। इसमें साफ शब्दों में कहा कि आप अभी चलिए और कार्यसमिति की बैठक में भेंट होगी।

इसके बाद कृपाल परमार सुबह छह बजे फतेहपुर से चले और कार्यसमिति की बैठक के लिए पहुंच गए। रात भर चले इस किस्से की गलियारों में चर्चा है कि पार्टी लगातार गंभीरता से हर काम को कर रही है। पार्टी का मानना है कि किसी भी नेता को बाहर जाने से नुकसान हो सकता है। इसलिए परमार को मनाने के लिए पूरा प्रयास किया गया।

हिमाचल ही नहीं बल्कि दिल्ली से भी इसमें सतर्कता दिखाई। इसमें पार्टी को सफलता मिली। कृपाल परमार ने बैठक में हिस्सा लिया और इस दौरान उन्होंने पार्टी के सभी नेताओं से मुलाकात भी की। हालांकि कृपाल परमार अपना फैसला वापस लेते हैं या नहीं यह उनके ऊपर निर्भर करेगा। फिलहाल कार्यसमिति की बैठक में आने के बाद उनका पार्टी छोडऩे का फैसला टलता नजर आ रहा है।

भारत चहुंमुखी विकास की ओर अग्रसर : गोविंद

शिक्षा मंत्री गोङ्क्षवद ठाकुर ने कहा कि संविधान की मूल भावना के स्वरूप में आधुनिकतम भारत चहुंमुखी विकास की ओर अग्रसर है। शुक्रवार को संविधान दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय की आंबेडकर पीठ ने कार्यक्रम किया। उन्होंने कहा कि इस संविधान के मंथन की भूमिका, संविधान के मूलनायक, उनकी शैक्षणिक योग्यता, भारत रत्न डा. भीम राव आंबेडकर को जाती है। हमें डा. भीमराव आंबेडकर के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने इस दौरान प्रदेश विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि ईश्वर ने जो उजर, जो शक्ति व जो सामर्थय हमारे विद्यार्थियों को दिया है उसे सकारात्मक दृष्टि से संचालित करना चाहिए।

Edited By: Virender Kumar