जेएनएन, टांडा, कांगड़ा। प्रदेश में स्वाइन फ्लू का प्रकोप बढ़ता रहा है। डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल कांगड़ा स्थित टांडा (टीएमसी) में शुक्रवार को तीन नए मामले स्वाइन फ्लू के पॉजीटिव पाए गए हैं। इनमें दो कांगड़ा व एक हमीरपुर जिला से संबंधित है। इनमें एक टांडा मेडिकल कॉलेज में शिशु रोग विभाग की महिला डॉक्टर भी शामिल हैं।

प्रदेश में अब तक इस बीमारी से चार लोगों की मौत हो चुकी है। इस साल आइजीएमसी शिमला व टांडा मेडिकल कॉलेज में 40 लोगों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि अब तक हो चुकी है। लगातार स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने से लोगों में दहशत है। इस साल टांडा मेडिकल कॉलेज में स्वाइन फ्लू की आशंका के कारण लिए गए सैंपलों में 20 पॉजीटिव पाए जा चुके हैं। शुक्रवार को आठ सैंपल लैब में जांच के लिए भेजे गए थे। इनमें तीन पॉजीटिव हैं, जबकि 21 जनवरी को पांच मामलों में से तीन, 22 को पांच में से दो व 23 को 12 में से तीन मामले पॉजीटिव पाए गए थे। 23 जनवरी को टांडा मेडिकल कॉलेज में भर्ती महिला व नवजात को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई थी।

चंबा जिला की उक्त महिला व नवजात यहां दाखिल हैं। इससे यहां डॉक्टरों व अन्य स्टाफ में हड़कंप मच गया है। वीरवार को चिकित्सक, नर्सो व तकनीशियन समेत पांच लोगों के खून के सैंपल जांचे। इनकी रिपोर्ट नेगेटिव आने से सभी ने राहत की सांस ली थी, जबकि शुक्रवार को एक डॉक्टर को स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने से अस्पताल प्रशासन समेत सब सकते में हैं

तीन और मामले स्वाइन फ्लू के पॉजीटिव पाए गए हैं। इनमें दो कांगड़ा व एक हमीरपुर निवासी है। शुक्रवार को आठ सैंपल जांचे गए थे। शिशु रोग विभाग में कार्यरत एक महिला चिकित्सक भी स्वाइन फ्लू पॉजीटिव पाई गई हैं। ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है। स्थिति नियंत्रण में है। दो मरीजों का आइसोलेशन वार्ड में इलाज चल रहा है।

-डॉ. सुरिंद्र सिंह भारद्वाज, चिकित्सा अधीक्षक टांडा मेडिकल कॉलेज।

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