यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 05, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Store Burnt in Rampur : रामपुर के चूहाबाग में स्टोर जला, 25 लाख का नुकसान
Store Burnt in Rampur शिमला जिले की नगर परिषद रामपुर के वार्ड आठ के तहत चूहाबाग में एक स्टोर में ...और पढ़ें

रामपुर बुशहर, संवाद सहयोगी। Store Burnt in Rampur, शिमला जिले की नगर परिषद रामपुर के वार्ड आठ के तहत चूहाबाग में एक स्टोर में वीरवार देर रात आग लग गई। अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि उन्होंने साथ लगते घरों को जलने से बचा लिया।
शुक्रवार तड़के करीब चार बजे राज कुमार पुत्र सीता राम निवासी चूहाबाग के तीन मंजिला मकान की दूसरी मंजिल में आग लग गई। इसके बाद किसी ने इसकी सूचना अग्निशमन विभाग रामपुर को दी तो मौके पर पहुंची अग्निशमन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान यदि अग्निशमन विभाग ने मुस्तैदी और सूझबूझ नहीं दिखाई होती तो साथ लगते घरों को भी खतरा हो सकता था। यह आग दूसरी मंजिल से होते हुए तीसरी मंजिल तक पहुंची और इसमें लाखों रुपये की किताबें, स्टेशनरी और राशन जो गोदाम में रखा था, राख हो गया। इस घटना में करीब 25 लाख रुपये के नुकसान होने का अंदेशा जताया जा रहा है। प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रही है।
नायब तहसीलदार रामपुर गोपाल कृष्ण मुखिया ने बताया कि पीडि़त को प्रशासन की ओर से 10 हजार रुपये की फौरी राहत दी है। इस घटना में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है।
पटाखों से जलने पर 17 पहुंचे अस्पताल
राजधानी शिमला में दीवाली की रात जमकर आतिशबाजी हुई। इस बार भी पटाखों की विस्फोटक ङ्क्षचगारी कई लोगों की परेशानी का सबब बनी। डीडीयू शिमला में पटाखों के कारण घायल हुए पांच मरीज इलाज के लिए पहुंचे। ये सभी मरीज शिमला शहरी इलाके के थे। इनमें अधिकतर युवाओं और बच्चों की संख्या है। अधिकतर चोटिलों ने खुद पटाखे जलाए थे जबकि बाकी दूर खड़े होने के बावजूद हादसे का शिकार बन गए। इनमें से चार मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया जबकि हाथ में गंभीर चोट लगने की वजह से एक बच्चे को आइजीएमसी रेफर किया गया।
रिपन अस्पताल एमएस डा. रङ्क्षवद्र मोक्टा का कहना है कि अस्पताल में स्किन रोग विशेषज्ञ की तैनाती के बाद त्वचा संबंधी बीमारियों का इलाज सुचारू रूप से चल रहा है। वहीं दीपावली में पटाखों से होने वाले खतरे को लेकर अस्पताल में विशेष इंतजाम किए गए थे। इसके अलावा आइजीएमसी शिमला में दीवाली की रात से लेकर 12 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। सभी मरीजों को हल्की चोटें आई थीं जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद घर भेजा गया।
