शिमला/नालागढ़, जागरण टीम। Remdesivir Injection Black Marketing, राज्य दवा नियंत्रक प्राधिकरण बद्दी स्थित हेल्थ बायोटेक लिमिटेड कंपनी में निर्मित रेमडेसिविर इंजेक्शन का पूरा स्टॉक जांचेगा। इसके लिए प्राधिकरण ने पांच सदस्यीय टीम का गठन कर लिया है। टीम का गठन उप दवा नियंत्रक मनीष कपूर की अध्यक्षता में किया गया है। इसे सात दिन के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। टीम में एक सहायक दवा नियंत्रक व तीन दवा निरीक्षकों को शामिल किया गया है। कंपनी में इस इंजेक्शन का कितना स्टॉक तैयार किया गया है और कहां-कहां आपूर्ति की गई है, टीम इसकी जांच करेगी। राज्य दवा नियंत्रक नवनीत मारवाहा ने इसकी पुष्टि की है।

विश्व के मानचित्र पर फार्मा हब के रूप में विख्यात बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन) स्थित हेल्थ बायोटेक लिमिटेड कंपनी में बिना अनुमति इंजेक्शन तैयार करने और अवैध रूप से बेचने का मामला सामने आया है। रविवार को चंडीगढ़ स्थित एक होटल में इंजेक्शन की अवैध डील करने के दौरान चंडीगढ़ पुलिस की आपरेशन सेल ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद कंपनी के निदेशक गौरव चावला को भी गिरफ्तार किया गया था। चंडीगढ़ पुलिस ने कंपनी में दबिश दी थी और रेमडेसिविर के तीन हजार इंजेक्शन भी बरामद किए थे। पुलिस अधीक्षक बद्दी रोहित मालपानी ने बताया कि चंडीगढ़ पुलिस ही इस मामले की जांच कर रही है।

घरेलू बाजार में बेचने की अनुमति नहीं

हेल्थ बायोटेक कंपनी बद्दी के पास इस इंजेक्शन का निर्माण करके इसे निर्यात करने की ही अनुमति है। इसे घरेलू बाजार में नहीं बेचा जा सकता है। वैश्विक महामारी कोरोना की रोकथाम के लिए रेमडेसिविर को प्रभावी माना जा रहा है। ऐसे में इसकी काफी मांग बढ़ गई है। कुछ फार्मा उद्योग बिना अनुमति इसका निर्माण कर बेच रहे हैं। जिला कांगड़ा में भी ऐसे ही उद्योग का रहस्योद्घाटन हुआ था, जहां बिना अनुमति इंजेक्शन बनाए जा रहे थे।

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