सुबाथू, जेएनएन। शहीद भीम बहादुर पुन उर्फ राहुल रविवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। सैन्‍य व राजकीय सम्मान के साथ उन्‍हें भावभीन विदाई दी गई। शहीद के पिता और बहन ने श्‍मशानघाट पर सलामी देकर अंतिम विदाई दी। इस दौरान माहौल काफी भावुक हो गया व हर आंख नम थी। श्रीनगर में तैनात सुबाथू निवासी भीम बहादुर चार दिन पहले शहीद हो गए थे। लेकिन श्रीनगर में भारी बर्फबारी के कारण शहीद की पार्थिव देह तीन दिन तक हिमाचल नहीं लाई जा सकी। रविवार को शहीद की पार्थिव देह सुबाथू पहुंचने पर परिवार के सदस्‍य व अन्‍य लोग भावुक हो गए।

बताया जा रहा है गश्‍त के दौरान लैंड माइन फटने से सैनिक शहीद हो गया। भीम बहादुर सुबाथू में करीब चार वर्ष पहले ही 6/1 जीआर में शामिल हुए थे और इन दिनों श्रीनगर में राष्ट्रीय राईफल आरआर में तैनात थे। बीते दिन बुधवार को राहुल पुन के शहीद होने की सूचना जब उनके पैतृक गांव नयानगर में पहुची तो पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ उठी। चार दिन से पर‍िवार शहीद की देह का इंतजार कर रहा था। प्राप्त जानकारी के अनुसार राहुल और उनका एक साथी क्यूआरटी टीम के साथ पैट्रोलिंग पर तैनात थे।

वीरवार को सुबह ही 14 जीटीसी के सैनिक अपने शहीद साथी के घर पहुंचकर परिवार के सदस्‍यों से मिले थे व उन्‍हें ढांढस बंधाया था। तीन चार दिन लगातार शहीद के घर पर सांत्वना देने वालों की भीड़ जुटी रही। जानकारी के अनुसार शहीद भीम बहादुर बहन इकलौता भाई था। शहीद के रिश्‍तेदारों ने बताया कि शव को श्रीनगर से चंडीगढ़ तक जहाज में लाया गया।

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