मनाली, जागरण संवाददाता। विंटर क्वीन-2022 का ताज शिमला की आशिमा के सिर सजा। भोपाल की ताप्ती ठाकुर फस्र्ट रनरअप और डलहौजी की इप्शिता सेकेंड रनरअप रही। विंटर क्वीन के फाइनल राउंड में छह सुंदरियों के बीच कांटे की टक्कर हुई। विंटर क्वीन को एक लाख रुपये, फस्र्ट रनरअप को 50 हजार व सेकेंड रनरअप को 30 हजार रुपये नकद दिए गए। शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर ने सभी सुंदरियों को ताज पहनाकर सम्मानित किया।

वीरवार को अंतिम राउंड में आक्षी धर्मा, ताप्ती ठाकुर, मेघना, आशिमा चौहान, इप्शिता और सुमन सिंह के बीच कांटे की टक्कर हुई। इन सभी सुंदरियों से निर्णायक मंडल के सदस्यों ने प्रश्न पूछे। आक्षी से कोविड के बारे में, ताप्ती से माडलिंग, मेघना से सफलता पर, आशिमा चौहान से इंटरनेट मीडिया के बारे में, इप्शिता से आगे कैसे बढ़ सकते हैं तथा सुमन से उत्साह के बारे में प्रश्न पूछे।

इससे पहले सेमीफाइनल राउंड में कविता, टीना, तानवी कोमल, मेघना, आशिमा चौहान, इप्शिता, सुमन सिंह, देवयानी, निकिता ने भाग लिया। निर्णायक मंडल ने सभी को ग्लोबल वार्मिंग पर एक प्रश्न दिया, जिसका सभी ने कागज में लिखकर जवाब दिया। बाद में एक-एक करके सभी ने अपने लिखे उत्तर को दर्शकों के सामने पढ़ा। इस दौरान दर्शकों ने सीटियां बजाकर सुंदरियों का हौसला बढ़ाया। सभी सुंदरियों ने ग्लोबल वार्मिंग को लेकर अधिक से अधिक पेड़ लगाने की बात रखी। कुछ ने हिंदी जबकि अधिकतर ने अंग्रेजी में जवाब दिया।

डाक्टर बन समाजसेवा करना चाहती हैं आशिमा

विंटर क्वीन-2022 शिमला के रोहड़ू की आशिमा चौहान डाक्टर बनकर समाजसेवा करना चाहती हैं। आशिमा एमबीबीएस कर रही हैं। आशिमा ने कहा कि उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि वह विंटर क्वीन मनाली चुनी गई हैं। उन्होंने भावुक होते हुए बताया कि जब उनके माता-पिता को पता चलेगा कि वह विंटर क्वीन चुनी गई हैं तो वे बहुत खुश होंगे। आशिमा ने बताया कि वह फोन करके बताना चाहती हैं, लेकिन अभी सिग्नल न होने से माता-पिता से बात नहीं हो पा रही। अभी वह एमबीबीएस की पढ़ाई में ही ध्यान देना चाहती हैं, साथ ही सौंदर्य प्रतियोगिता में भी भाग लेना चाहती है, ताकि इस तरह के कार्यक्रम में भाग लेकर वह अपना खर्च खुद निकाल सके। जरूरतमंदों की मदद करना उन्हें बहुत अ'छा लगता है। माता के हाथ का बना खाना बहुत पसंद है।

Edited By: Vijay Bhushan

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