शिमला, जेएनएन। पूर्व मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह के पुत्र एवं शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से विधायक विक्रमादित्य सिंह ने माननीयों के यात्रा भत्ते बढ़ाने का सोशल मीडिया पर विरोध किया। विक्रमादित्य ने सोशल मीडिया पर इस संबंध में पोस्ट डालकर लिखा कि मैं सदस्यों के भत्ते और पेंशन संशोधन विधेयक का विरोध करता हूं। प्रदेश सरकार इस समय वित्तीय संकट से गुजर रही है। भत्ते बढ़ाने से प्रदेश सरकार के राजकोष पर वार्षिक 2.20 करोड़ का अतिरिक्त भार पड़ेगा। सोशल मीडिया पर तो उन्‍होंने पूरी टिप्‍पणी की, लेकिन सदन में विक्रमादित्य सिंह मौन हो गए। उन्होंने भत्ते बढ़ाने के विरोध में एक शब्द भी नहीं बोला। अब सोशल मीडिया यूजर्स विक्रमादित्य सिंह के खिलाफ टिप्‍पणियां कर रहे हैं।

हिमाचल प्रदेश में मंत्रियों, विधायकों और पूर्व विधायकों के यात्रा भत्ता बढ़ाने को लेकर तीनों बिल मंजूर हो गए हैं। सदस्यों के भत्ते और पेंशन संशोधन विधेयक, विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष वेतन संशोधन विधेयक और मंत्रियों के वेतन और भत्ता संशोधन विधेयक सदन में मंजूर किया गया। सदन में सिर्फ माकपा से संबंधित ठियोग के एकमात्र विधायक राकेश सिंघा ने इस पर विरोध जताया। यात्रा भत्ता मौजूदा 2.50 लाख रुपये वार्षिक से बढ़ाकर 4 लाख कर दिया गया है।

Posted By: Rajesh Sharma

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