विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

हिमाचल में आपदा प्रभावितों की मदद में जुटी सेना, सरकार का मकान के लिए जमीन देने का एलान; मवेशियों का भी मुआवजा

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Mon, 27 Jul 2026 01:58 PM (GMT+05:30)Updated: Mon, 27 Jul 2026 02:21 PM (GMT+05:30)

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कांगड़ा की बोह घाटी में बादल फटने से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत व ...और पढ़ें

बोह में आपदा प्रभावितों की सामान ढूंढने में मदद करती सेना। जागरण

बोह में आपदा प्रभावितों की सामान ढूंढने में मदद करती सेना। जागरण

HighLights

  1. मकान नष्ट होने पर 7.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता।

  2. मवेशियों और फसलों के नुकसान पर भी मिलेगा मुआवजा।

  3. प्रभावित परिवारों को भूमि और 6 माह का मुफ्त राशन।

जागरण टीम, धर्मशाला। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कांगड़ा जिले में शाहपुर उपमंडल के तहत बोह घाटी में बादल फटने से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत व पुनर्वास कार्यों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे जिला प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, भारतीय सेना, स्थानीय प्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं व स्थानीय लोगों के प्रयासों की सराहना की। सेना व अन्य संस्थाएं लगातार मदद के लिए जुटी हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन परिवारों के घर आपदा में पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, उन्हें मकान बनाने के लिए 7.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। कपड़े, बर्तन एवं अन्य आवश्यक घरेलू सामान की खरीद के लिए एक लाख रुपये की सहायता भी दी जाएगी। जिन प्रभावित परिवारों के पास भूमि नहीं बची है, उन्हें सरकार आवश्यकतानुसार सरकारी भूमि उपलब्ध करवाएगी।

मवेशियों के भी पैसे मिलेंगे

सीएम ने कहा, जिन परिवारों की गाय या भैंस आपदा में मरी हैं, उन्हें 55 हजार रुपये प्रति पशु तथा जिनकी बकरियां मरी हैं उन्हें 15 हजार रुपये प्रति बकरी सहायता राशि मिलेगी। जिन घरों में आपदा का पानी घुसने से नुकसान हुआ है, उन्हें एक लाख रुपये की राहत प्रदान की जाएगी। 

दुकानों और फसल के नुकसान का भी मुआवजा

क्षतिग्रस्त दुकानों के लिए नुकसान के आधार पर 50 हजार से एक लाख रुपये तक दिए जाएंगे। फसलों के नुकसान पर किसानों को पांच हजार प्रति कनाल के हिसाब से मुआवजा दिया जाएगा। 

प्रतिमाह 5000 किराया

जिन परिवारों को अस्थायी रूप से किराये के मकान में रहना पड़ेगा, उन्हें पांच हजार प्रतिमाह किराया सरकार देगी। प्रभावित परिवारों को छह माह का राशन भी निश्शुल्क उपलब्ध करवाया जाएगा।

पीएचसी रिड़कमार अपग्रेड

मुख्यमंत्री ने रिड़कमार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अपग्रेड करने की घोषणा की।

राजस्व प्रमाणपत्र तैयार

सुक्खू ने कहा कि प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत प्रदान करते हुए 25 परिवारों को 25-25 हजार रुपये तथा 16 अन्य परिवारों को 10-10 हजार की अंतरिम सहायता राशि जारी की है। अब तक 13 राजस्व प्रमाणपत्र तैयार किए जा चुके हैं तथा प्रभावित परिवारों को बोनाफाइड प्रमाणपत्र जारी किए जा रहे हैं। शैक्षणिक प्रमाणपत्र दोबारा बनाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। 

पुनर्वास के लिए भूमि चिह्नित

प्रभावित परिवारों के स्थायी पुनर्वास के लिए उपयुक्त भूमि चिह्नित करने का काम जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्पैड़ा गांव के 13 मकानों को डेंजर जोन घोषित किया है। इस मौके पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों समेत अन्य मौजूद रहे।