इंदौरा, संवाद सूत्र। डमटाल बाजार में सोमवार को बिल से ज्यादा पटाखे रखने पर आबकारी एवं कराधान विभाग की टीम ने तीन कारोबारियों का रिकार्ड जब्त किया। दुकानों में रखे पटाखों के मूल्य व बिलों का आकलन किया जा रहा है। दैनिक जागरण ने यह मामला प्रमुखता से उठाया था। आबकारी एवं कराधान की टीम ने अतिरिक्त आबकारी एवं कराधान अधिकारी टिक्कम ठाकुर के नेतृत्व में बाजार में दबिश दी। इस दौरान तीन दुकानदारों के बिलों में अनियमितताएं पाई गईं। एक व्यापारी ने टीम के समक्ष पटाखा खरीद के 10 लाख रुपये के बिल पेश किए, जबकि उसके स्टोर में अनुमानित 20 लाख रुपये से अधिक का सामान था। इसी तरह अन्य दुकानों में भी बिल से दोगुना अधिक सामान था।

व्यापारियों ने दीपावली के लिए पटाखे अमृतसर व पठानकोट से मंगवाए थे लेकिन बिल पूरे नहीं थे। विभाग की अभी तक की जांच में यही बात सामने आ रही है कि व्यापारियों ने जीएसटी चोरी कर अवैध तरीके से पटाखे मंगवाए थे। विभागीय टीम अब उन फैक्टरियों का रिकार्ड भी खंगालेगी, जहां से कारोबारियों ने पटाखे खरीदे थे। आगामी तीन दिन में दस्तावेजों एवं बिलों की जांच के बाद तीनों व्यापारियों को जुर्माना लगाया जाएगा। एटीसी टिक्कम ठाकुर ने बताया कि दबिश के दौरान प्राथमिक जांच में दुकानदारों के बिलों में अनियमिताएं पाई गई हैं। तीनों पटाखा व्यापारियों के स्टाक के बिल कब्जे में ले लिए हैं। व्यापारियों ने माल किस फर्म से खरीद है, उनकी भी पड़ताल की जाएगी। कितना माल किस बिल के आधार पर आया है और डमटाल तक कैसे पहुंचा है, इन सभी पहलुओं पर विभाग जांच पड़ताल करेगा। जीएसटी की चोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

नूरपुर व जसूर में पटाखे बेचने के लिए जगह निर्धारित

नूरपुर। एसडीएम नूरपुर अनिल भारद्वाज ने नूरपुर व जसूर बाजार में पटाखों की बिक्री के लिए स्थल निर्धारित कर दिए हैं। नूरपुर में चौगान कैं¨पग ग्राउंड, म्युनिसिपल पार्क वार्ड दो, वार्ड चार, रामलीला ग्राउंड मेन बाजार नूरपुर, न्याजपुर में सोगा की दुकान की पिछली तरफ तथा तालाब के पास पटाखे बेचे जा सकेंगे। इसके अलावा वार्ड पांच व छह में जगन्नाथ शास्त्री के घर के समीप तथा वार्ड आठ में प्रतियाड़ मोहल्ला के पास भी पटाखों की बिक्री की जा सकेगी। एसडीएम ने बताया कि जसूर कस्बा में रामलीला ग्राउंड व खुली जगह पर ही पटाखे की बिक्री की जा सकेगी। पटाखे सुबह आठ से सायं आठ बजे तक ही बेचे जा सकेंगे। भंडारण व बिक्री के लिए दुकानदारों को एसडीएम कार्यालय से लाइसेंस लेना जरूरी होगा।