ज्वालामुखी, प्रवीण कुमार शर्मा। Himachal Coronavirus Vaccination, जिला कांगड़ा में कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगवा बिना ही कई लोगों को सफलतापूर्वक डोज लग जाने के बधाई संदेश उनके मोबाइल फोन पर आ रहे हैं। इतना ही नहीं जिन लोगों को अभी दूसरी डोज लगनी है, उनके वैक्सीन संबंधित प्रमाण पत्र भी आसानी के साथ पोर्टल से डाउनलोड हो जा रहे हैं। मामले में स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य सचिव के अलग अलग बयान आ रहे हैं। जिला स्वास्थ्य विभाग इसे इक्का-दुक्का मामले में तकनीकी गलती बता रहा है।

ज्वालामुखी के अंकुर कुमार व नितेश कुमार ने बताया कि उन्होंने दूसरी डोज अभी तक नहीं ली है। बावजूद इसके उन्हें स्वास्थ्य विभाग से 25 नवंबर को फुली वैक्सीनेटेड का संदेश आ गया। इसके बाद उन्होंने पोर्टल से कोरोना की दूसरी डोज का प्रमाणपत्र भी निकाल लिया है। नितेश कुमार को भी बिना दूसरी डोज के संदेश आ पहुंचा है। ज्वालामुखी के वार्ड चार से अंकुश धीमान बताते हैं कि दूसरी डोज लगवाए बिना ही उनकी मां सुनीता देवी और बहन सम्मू के मोबाइल फोन पर वीरवार को संदेश आया कि उन्हें टीके की दूसरी डोज लग चुकी है। संदेश आने के बाद उन्होंने शुक्रवार सुबह सिविल अस्पताल ज्वालामुखी में दूसरी डोज ली, जबकि संदेश एक दिन पहले ही आ गया था। अंकुश के अनुसार उपमंडल देहरा के सुनहेत गांव में उनकी बहन रीना कुमारी व जीजा मनोज कुमार को भी बिना दूसरी डोज के प्रमाणपत्र जारी हो चुका है।

कोरोना की दूसरी डोज लगने के बाद ही वैक्सीनेटेड हुए व्यक्ति को मोबाइल फोन पर संदेश भेजा जाता है। यदि एक-दो केस ऐसा है तो यह तकनीकी खामी हो सकता है। हां, आठ केस ऐसे आए हैं तो उनकी जानकारी हमें दें। जिन लोगों को इस तरह के संदेश आए हैं और वह दूसरी डोज नहीं लगवा पाए हैं उन्हें लगवा लेनी चाहिए। -डा. गुरदर्शन गुप्ता, सीएमओ, कांगड़ा।

जो लोग 84 दिन बाद भी वैक्सीन की दूसरी डोज नहीं ले रहे हैं उनके मामलों में हमें डाटा अपडेट के समय मुश्किल आ रही है। 100 दिन बाद भी कई लोग टीकाकरण नहीं करवा पा रहे हैं। कारनवश पोर्टल पर डाटा अपडेट करते समय उन्हें फुली वैक्सीनेटेड के संदेश जा रहे होंगे। कई लोग पहली डोज ज्वालामुखी तो दूसरी प्रदेश से बाहर ले रहे हैं। इससे भी डाटा एकत्र करने में समस्याएं आ रही हैं। -डा. पवन शर्मा, वरिष्ठ चिकित्सा एवं कार्यकारी खंड चिकित्सा अधिकारी।

इस तरह का मामला है तो मुझे भेजें। दरअसल पोर्टल पर इसे ठीक करने का प्रविधान होता है, जिसे लोग कर नहीं रहे हैं। फिर भी कहीं त्रुटि है तो इसे ठीक किया जाएगा।-अमिताभ अवस्थी, स्वास्थ्य सचिव हिमाचल प्रदेश

Edited By: Virender Kumar