संवाद सहयोगी, बैजनाथ : छह दिन बाद भी बिलिंग से पैराग्लाइडिग की उड़ान भरने के बाद लापता हुए दिल्ली के पायलट का कोई पता नहीं चल पाया है। लगातार हेलीकॉप्टर और ग्राउंड स्तर पर चलाए जा रहे सर्च अभियान के बाद भी पायलट रोहित भदौरिया का कोई सुराग नहीं लग पाया है। तीन दिन से लगातार भारतीय वायु सेना का हेलीकॉप्टर इस पूरे क्षेत्र में सर्च कर रहा था। बावजूद इसके न तो कहीं पायलट का पता चल पाया है और न ही पायलट द्वारा उड़ाया गया ग्लाइडर कहीं नजर आया है। ऐसे में अब वीरवार से बिलिंग में फिलहाल हेलीकॉप्टर से तलाश करने का अभियान बंद हो जाएगा। अब ग्राउंड स्तर पर ही माउंटनियरिग इंस्टीट्यूट से जुड़ी टीमें व अन्य रेस्क्यू टीमें ग्राउंड स्तर पर बड़ा अभियान चलाएगी। इसमें उन इलाकों को खंगाला जाएगा। जो इलाके पैराग्लाइडिग के लिए बेहद जोखिम भरे माने जाते हैं। इन इलाकों में थर्मल कम मिलने से हमेशा क्रैश लैडिग या फिर इमरजेंसी लैडिग का खतरा रहता है। इनमें कुछ इलाके पालमपुर, कंडबाड़ी की तरह हैं, तो कुछ इलाके इससे आगे वाले स्थानों में हैं। हेलीकॉप्टर के सर्च अभियान थमने के बाद अब वीरवार से बिलिंग से पैराग्लाइडिग की उड़ानें फिर शुरू हो जाएंगी। हालांकि यदि बीच में पायलट का कोई सुराग लगता है और एयरलिफ्ट की जरूरत पड़ती है, तो पैराग्लाइडिग को रोका जा सकता है। माउंटनियरिग इंस्टीट्यूट मैक्लोडगंज की प्रभारी अनुजा अवस्थी ने बताया कि सर्च टीमें लगातार उतराला व जालसूजोत के इलाकों में सर्च कर रही हैं। उधर, एसडीएम छवि नांटा ने बताया कि वीरवार से हेलीकॉप्टर से सर्च नहीं होगा। मैदान पैदल टीमें सर्च अभियान को ओर गति देंगी।

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