डाडासीबा, संवाद सूत्र। जसवां-परागपुर क्षेत्र की चौली पंचायत के चमेटी गांव की महिलाओं के स्वयं सहायता समूह के उत्पादों को बाजार उपलब्ध करवाने के बाद समाजसेवी, नेशनल शिपिंग बोर्ड के सदस्य और वीआर मेरीटाइम कंपनी के प्रबंध निदेशक कैप्टन संजय पराशर ने हिमाचली उत्पादों को भी देश-विदेश में ख्याति दिलाने की योजना का खाका तैयार किया है। पराशर ने हिमाचली टोपियों की खेप अमेरिका के टेक्सास के हॉस्टन शहर में भेजी। वहां से अच्छी प्रतिक्रिया मिलने के बाद पराशर ने हिमाचली उत्पादों, विशेषकर बुनकरों द्वारा बनाई चीजों को बढ़ावा देने की बात कही है। टोपियां परागपुर की दुकान से खरीद कर भेजी गई थीं।

अमेरिका के टेक्सास के मेरेट होटल में हास्टन इंटरनेशनल सीफेर्रस का कार्यक्रम था। कार्यक्रम में देश-विदेश के नाविक और वहां के स्थानीय नागरिक शामिल होने थे। कार्यक्रम का थीम बालीवुड पर आधारित रखा गया था। ऐसे में कैप्टन संजय पराशर के परिचित दोस्तों ने उनसे भारत की किसी खास वस्तु को कार्यक्रम में शामिल करने की सलाह मांगी। पराशर ने जब हिमाचली टोपियों का जिक्र किया तो टीम के सभी सदस्यों ने हामी भर दी। टोपियों की व्यवस्था कैसे की जाए, यह बड़ा सवाल था। तब संजय पराशर ने 20 हिमाचली टोपियां परागपुर की स्थानीय दुकान से खरीदकर अमेरिका भेजी। कार्यक्रम में जब हिमाचली टोपियां पहने लोग दिखे तो कई स्थानीय नागरिकों ने भी इन टोपियों की मांग कर दी। कार्यक्रम में शरीक होने वाले कैप्टन महेश बेड्रे, कैप्टन अनुज चोपड़ा, डाना लुमे, टिफनी डेफोनेट, एरीका गोडफ्रे, राबर्ट हान, डा. साराह जेन्स, ऐलेसा लोफेज, कविता, निक्की ऑडी, मांरडा पेवलका और मेलिसा स्टूफर ने बताया कि हिमाचली टोपियों की अलग ही शान है।

कार्यक्रम के आयोजक कैप्टन महेश बेड्रे ने बताया कि भविष्य में जब भी कोई कार्यक्रम विदेश में आयोजित होगा, तब एक खास हिमाचली उत्पाद को तरजीह दी जाएगी। कैप्टन संजय पराशर ने बताया कि टेक्सास में बेहतरीन फीडबैक मिलने के बाद उनका इरादा है कि इन उत्पादों को ग्लोबल बाजार में पहुंचाया जाए। प्रदेश के बुनकरों में हुनर है, लेकिन बाजार न मिल पाने के कारण उनकी प्रतिभाा कहीं दब कर रह जाती है। उनके विदेशों में कई व्यवसायी मित्र हैं, जिनसे हिमाचली उत्पादों को लेकर बात चली हुई है। शीघ्र ही इस दिशा में सार्थक कदम उठाए जाएंगे।

Edited By: Vijay Bhushan