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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 22, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

खेल मैदान को लेकर सदरपुर पंचायत और टांडा मेडिकल कालेज प्रशासन आमने-सामने, ग्रामीणों का धरना

By Rajesh Kumar SharmaEdited By:
Published: Mon, 22 Nov 2021 01:41 PM (IST)

Tanda Medical College डाक्‍टर राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कालेज एवं अस्पताल टांडा के साथ लगती ग्राम पंचायत सदरपुर में बनाए जा ...और पढ़ें

टांडा प्रशासन व ग्राम पंचायत सदरपुर के जनप्रतिनिधि व ग्रामीण आमने सामने हो गए हैं।
टांडा प्रशासन व ग्राम पंचायत सदरपुर के जनप्रतिनिधि व ग्रामीण आमने सामने हो गए हैं।

टांडा/कांगड़ा, जागरण टीम। Tanda Medical College, डाक्‍टर राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कालेज एवं अस्पताल टांडा के साथ लगती ग्राम पंचायत सदरपुर में बनाए जा रहे खेल मैदान को लेकर टांडा प्रशासन व ग्राम पंचायत सदरपुर के जनप्रतिनिधि व ग्रामीण आमने सामने हो गए हैं। टांडा प्रशासन के खिलाफ रोष प्रदर्शन करते हुए सदरपुर वासियों ने सोमवार को अस्पताल में मुख्य गेट के पास धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने जमीन बचाओ जमीन बचाओ, टांडा प्रशासन होश में आओ के नारों लिखी तख्तियां लेकर गेट के पास धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। जानकारी के मुताबिक पिछले कुछ समय से सदरपुर पंचायत में युवाओं को खेल कूद के सुविधा देने के लिए एक खेल मैदान बनाया गया है। इस खेल मैदान का मुख्य उद्देश्य है कि सदरपुर के आसपास के पंचायतों के युवाओं को खेलकूद के लिए मंच मिल सके और अपनी तैयारियां भी कर सकें।

यह मैदान करीब 33 कनाल भूमि में बनाया गया है। हालांकि पूरे 33 कनाल में मैदान ही नहीं है, लेकिन भविष्य में विस्तार की दृष्टि से शेष रहती भूमि भी मैदान के लिए है। ग्रामीणों का कहना है कि जब खेल मैदान बनाने की प्रक्रिया चल रही थी तब भी टांडा मेडिकल कालेज प्रशासन ने इस तरह का विवाद पैदा किया था।

अस्पताल प्रशासन के विवाद के चलते तत्कालीन पंचायत प्रतिनिधियों ने निशानदेही करवाई थी। उस निशानदेही में यह भूमि पंचायत के नाम ही निकली थी। अब एक बार फिर से टांडा प्रशासन इस मैदान में अपना मालिकाना हक जता रहा है। निशानदेही के बावजूद अस्पताल प्रशासन की इस तरह की हरकत शोभनीय नहीं है।

उन्होंने कहा यह मैदान हमारे युवाओं के भविष्य व स्वास्थ्य की दृष्टि से बनाया गया है। हम किसी भी सूरत में टांडा प्रशासन को इसमें अतिक्रमण नहीं करने देंगे। यहां बता दें कि मैदान के साथ ही करीब 18 कनाल भूमि टांडा प्रशासन की भी है, अस्पताल प्रशासन उसी के आधार पर यह दावा कर रहा है।