शिमला, जागरण संवाददाता। Revenue Officers Strike, हिमाचल प्रदेश के राजस्व अधिकारी 24 व 26 सितंबर को सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। हिमाचल प्रदेश राजस्व अधिकारी संघ के महासचिव हीरा लाल घेज्टा ने बताया कि यह निर्णय वीरवार को राजस्व अधिकारियों की बैठक में लिया है। सभी जिला राजस्व अधिकारी, तहसीलदार और नायब तहसील अवकाश पर रहेंगे। उन्होंने कहा कि उम्मीद थी कि 22 सितंबर को मंत्रिमंडल की बैठक में उनकी मांग पर सरकार मुहर लगाएगी परंतु ऐसा नहीं हुआ है। संघ ने विरोध स्वरूप सामूहिक अवकाश पर जाने का फैसला लिया है। इनके सामूहिक अवकाश पर जाने से तहसील व उपतहसीलों में कामकाज ठप रहेगा। 15 दिन से प्रदेश के सभी राजस्व अधिकारी काले बिल्ले लगाकर अपना विरोध प्रकट कर रहे हैं। संघ की प्रमुख मांग फील्ड में तहसीलदारों व नायब तहसीलदारों को वाहन उपलब्ध करवाना है। इसी प्रकार प्रशासनिक सेवाओं में पदोन्नति के लिए 35 प्रतिशत कोटा, राजस्व अधिकारियों के रिक्त पदों को भरने व पंजीकरण भत्ता 5000 हजार रुपये करने की मांग सरकार से की है।

  • -सरकार ने मांगों पर विचार नहीं किया तो पहली अक्टूबर से राजस्व अधिकारियों को अनिश्चितकाल सामूहिक अवकाश पर जाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। राजस्व अधिकारी राहत और आपदा की घड़ी में बिना गाड़ी सबसे पहले मौके पर पहुंचते हैं। कोरोना काल के दौरान राजस्व अधिकारियों ने शमशानघाट पहुंच कर अंतिम संस्कार किए। एक राजस्व अधिकारी के पास गाड़ी का होना नितांत आवश्यक है।

-जय गोपाल शर्मा, अध्यक्ष प्रदेश राजस्व अधिकारी महासंघ

मोबाइल हेल्थ चेकअप टीम में डाक्टरों की तैनाती का विरोध

मोबाइल हेल्थ चेकअप टीम में चिकित्सकों की ड्यूटी लगाने पर प्रदेश चिकित्सा अधिकारी संघ ने कड़ा विरोध जताया है। चिकित्सा अधिकारी संघ ने कहा कि मोबाइल हेल्थ चेकअप टीम के माध्यम से एक दिन की स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करवाने की अपेक्षा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोल नियमित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएं। शुक्रवार को संघ की केंद्रीय कार्यकारी समिति के सदस्यों की आनलाइन बैठक संघ के प्रधान डा. जीवानंद चौहान की अध्यक्षता में हुई। संघ ने मोबाइल हेल्थ चेकअप टीम में चिकित्सकों की तैनाती का कड़े शब्दों में विरोध किया और कहा कि इसकी अपेक्षा स्वास्थ्य केंद्रों में मिलने वाली सुविधाओं को सुदृढ़ को जाए, ताकि जनता को नियमित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों।

मोबाइल हेल्थ चेकअप टीम में लैब सुविधाओं के सभी रूटीन टेस्ट कराना संभव नहीं है। प्रदेश में 10 प्रतिशत अनुबंध पर तैनात चिकित्सकों को ग्रेड पे का 150 प्रतिशत देय प्रदान नहीं किया गया है। इसे जल्द एरियर के साथ प्रदान करने की मांग की है। बैठक में डा. अनुपम वरिष्ठ उपाध्यक्ष, डा. राजेश राणा उपाध्यक्ष, डा. प्रवीण चौहान कोषाध्यक्ष, डा. दुष्यंत ठाकुर संयुक्त सचिव, डा. दीपक कैंथला अध्यक्ष शिमला इकाई, डा. योगराज महासचिव शिमला इकाई, डा. दिलबाग सिंह अध्यक्ष चंबा इकाई, डा. सन्नी धीमान अध्यक्ष कांगड़ा इकाई, डा. उदय महासचिव कांगड़ा इकाई, डा. विकास ठाकुर अध्यक्ष मंडी इकाई, डा. विजय राय महासचिव मंडी इकाई, डा. मोहित डोगरा महासचिव हमीरपुर इकाई, डा. प्रदीप कुमार महासचिव बिलासपुर इकाई, डा. विशाल जमवाल, डा. पारा उखल, डा. सुनीश चौहान, डा. वानिया पठानिया तथा अन्य पदाधिकारियों ने भाग लिया।

Edited By: Virender Kumar